नरसिंहपुर | 24 जून 2026
जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से नरसिंहपुर पुलिस द्वारा “सेफ क्लिक 2.0” अभियान की शुरुआत की गई है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने इस अभियान का शुभारंभ करते हुए नागरिकों से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने बताया कि साइबर ठग स्वयं को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल करते हैं और उन्हें कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर घंटों तक मानसिक दबाव में रखते हैं। इसके बाद ठग विभिन्न बहानों से पीड़ितों से लाखों रुपये की ठगी कर लेते हैं।
उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी अधिकारी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करता और न ही किसी प्रकार की धनराशि जमा कराने के लिए दबाव बनाता है। ऐसे मामलों में नागरिकों को घबराने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने लोगों को सलाह दी कि यदि इस प्रकार का कोई कॉल प्राप्त हो तो शांत रहें, किसी भी प्रकार का भुगतान न करें तथा तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।
“सेफ क्लिक 2.0” अभियान के तहत नरसिंहपुर पुलिस द्वारा नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन लेन-देन तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों से अवगत कराना और उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखना है।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।








