नरसिंहपुर ! 19 जुलाई 2026
गोटेगांव, नरसिंहपुर। गोटेगांव में पोस्टमार्टम व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है। वर्ष 1970 में शांति धाम के पास बनाया गया पोस्टमार्टम भवन जर्जर होकर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। विभागीय इंजीनियर द्वारा भवन को डिस्मेंटल घोषित किए जाने के बाद उसे तोड़ दिया गया। इसके बाद से पोस्टमार्टम की पूरी व्यवस्था पुराने शासकीय अस्पताल परिसर की मर्चुरी में संचालित की जा रही है।
इस स्थिति के कारण जिस अस्पताल में मरीज इलाज और जीवन की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहीं कुछ दूरी पर शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक असहजता का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सीमित संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं के अभाव में पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारियों को भी कठिन परिस्थितियों में कार्य करना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नए पोस्टमार्टम भवन के निर्माण के लिए शासन द्वारा 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत किए जाने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। स्वीकृत बजट होने के बाद भी निर्माण में हो रही देरी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
इस मामले में ब्लॉक मेडिकल अधिकारी डॉ. एस.एस. धुर्वे, नगरपालिका सीएमओ सतेंद्र सालवार, मुक्तिधाम चौकीदार बालकृष्ण रजक और गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश ने भी अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी।
स्थानीय लोगों की मांग है कि नए पोस्टमार्टम भवन का निर्माण जल्द शुरू किया जाए, ताकि अस्पताल परिसर में चल रही अस्थायी व्यवस्था समाप्त हो सके।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग स्वीकृत राशि का उपयोग कर नए पोस्टमार्टम भवन का निर्माण कब शुरू करता है, या यह मामला भी लंबे समय तक फाइलों में ही दबा रहेगा।








