नरसिंहपुर/गाडरवारा। 12 सितम्बर 2026 क्षेत्र में विकास और बेहतर आवागमन के दावों के बीच उमरछा से मुंझार के बीच दूधी नदी पर बने पुल की स्थिति ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार पुल का निर्माण करीब दो से ढाई वर्ष पहले पूरा हो चुका है, लेकिन दोनों छोरों पर एप्रोच रोड का निर्माण नहीं होने से इसका अपेक्षित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
बताया जा रहा है कि पुल के दोनों ओर कच्चा रास्ता और बरसात के दौरान कीचड़ व दलदल की स्थिति बन जाती है। ऐसे में दोपहिया वाहन तो दूर, पैदल आवागमन भी मुश्किल हो जाता है।
मुंझार सहित आसपास के ग्रामीणों को पुल तक पहुंचने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर तक खराब और कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है।
15 किलोमीटर की दूरी के लिए 50 से 70 किलोमीटर का चक्कर
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल और दोनों ओर की एप्रोच रोड पूरी तरह तैयार होकर मार्ग चालू हो जाए, तो उमरछा से साइखेड़ा की दूरी करीब 15 किलोमीटर रह जाएगी। वर्तमान में मार्ग सुचारु नहीं होने के कारण लोगों को वैकल्पिक रास्तों से घूमकर करीब 50 से 70 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक गर्मी के दिनों में नदी के रास्ते मिट्टी आदि डालकर किसी तरह आवागमन का प्रयास किया जाता है, लेकिन बारिश के दौरान स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा मार्ग से निकलना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों ने की सड़क निर्माण की मांग
क्षेत्रीय ग्रामीण लंबे समय से जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से पुल के दोनों छोरों पर पक्की एप्रोच रोड का निर्माण कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब पुल का निर्माण हो चुका है, तो उससे जुड़ी सड़क का काम भी जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि सरकारी निर्माण का वास्तविक लाभ आम जनता को मिल सके।
अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर है कि पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड का निर्माण कब शुरू होता है और वर्षों से अधूरे पड़े इस मार्ग को कब आम आवागमन के लिए सुचारु किया जाता है।








