नरसिंहपुर। 15 सितम्बर 2026 मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026” योजना के अंतर्गत होने वाले निष्पादन, ई-केवाईसी, पंजीयन एवं व्यक्तिगत दायित्व से जुड़े कार्यों से पटवारी संवर्ग को पूर्णतः अलग रखने की मांग की है। इस संबंध में जिला पटवारी संघ नरसिंहपुर की ओर से मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन एवं कलेक्टर नरसिंहपुर के नाम ज्ञापन सौंपा गया है।
ज्ञापन में जिला अध्यक्ष राहुल पटेल ने कहा कि पटवारी संघ स्वामित्व योजना का विरोध नहीं करता है। संघ का मानना है कि योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उनकी संपत्ति संबंधी अधिकार अभिलेख मिलने तथा ऋण आदि की सुविधा प्राप्त होने में मदद मिलेगी। हालांकि, संघ ने योजना के क्रियान्वयन में पटवारियों को दिए जा रहे दायित्वों को लेकर आपत्ति जताई है।
पटवारी संघ के अनुसार ग्रामीण आबादी क्षेत्र की भूमि का स्वरूप सामान्य राजस्व कृषि भूमि से अलग है। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी का सर्वेक्षण एवं मानचित्रण पंचायत राज व्यवस्था के मार्गदर्शन में किया गया था। इस दौरान राजस्व विभाग के पटवारियों द्वारा आवश्यक नक्शा, नाप एवं तकनीकी कार्यों में सहयोग किया गया। संघ का कहना है कि पटवारियों की भूमिका मुख्य रूप से सहयोगात्मक एवं अभिलेखीय/मैदानी सहायता तक रही है।
ज्ञापन में कहा गया है कि योजना के अंतर्गत अब निष्पादन, ई-केवाईसी, पंजीयन तथा व्यक्तिगत दायित्व वाले कार्य पटवारियों से कराए जाने से उनके पूर्व निर्धारित कार्य-विभाजन पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। संघ ने मांग की है कि इन कार्यों से पटवारी संवर्ग को पृथक रखा जाए और संबंधित कार्यों के लिए विभागीय स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए।
संघ ने यह भी मांग उठाई कि योजना को प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप से लागू करने से पहले इसमें मौजूद संभावित तकनीकी एवं लिपकीय त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाए तथा पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं सतत प्रक्रिया के रूप में संचालित किया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से पटवारी संघ ने शासन और जिला प्रशासन से मामले पर गंभीर








