नरसिंहपुर। 15 सितम्बर 2026 कुछ दिन पहले पोलखोल द्वारा उठाए गए एक मामले में अब कुछ ऐसी कथित व्हाट्सऐप चैट सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पोलखोल के पास पहुंचे इन मैसेज में ₹6 लाख 50 हजार रुपये, “ऑर्डर”, सर्किल में नेट की समस्या और रकम वापस करने जैसी बातें लिखी हुई दिखाई दे रही हैं।
विश्वसनीय सूत्र ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर पोलखोल को ये चैट उपलब्ध कराई हैं। सूत्र का दावा है कि बातचीत कथित तौर पर “दुर्गेश मैडम” और “शिवम” नाम से सेव संपर्क के बीच हुई है। हालांकि, पोलखोल स्वतंत्र रूप से यह पुष्टि नहीं करता कि चैट वास्तव में इन्हीं व्यक्तियों की है।
चैट में एक तरफ संबंधित व्यक्ति की ओर से यह कहा गया है कि यदि आज ऑर्डर नहीं हो रहा है तो ₹6.50 लाख वापस कर दिए जाएं, जिसमें बातचीत के अनुसार ₹5 लाख 24 अगस्त को दिए जाने का उल्लेख भी दिखाई देता है।
इसके जवाब में “दुर्गेश मैडम” नाम से सेव संपर्क की ओर से लिखा गया है कि “आज सर्किल में नेट प्रॉब्लम है, अगले बुधवार तक प्रॉब्लम सॉल्व होगी, तब ऑर्डर होगा।”
बातचीत के दूसरे हिस्से में एफआईआर का भी उल्लेख आता है। संबंधित व्यक्ति द्वारा “रामसेवक” नाम के व्यक्ति द्वारा एफआईआर कराए जाने की बात कही जाती है। इसके बाद पैसों को लेकर बातचीत होती है और इसी क्रम में सामने वाले संपर्क की ओर से “धमकी दे रहे हो” लिखा जाता है।
अब सवाल यह है कि आखिर यह कथित “ऑर्डर” किस मामले से संबंधित था? ₹6.50 लाख की रकम का वास्तविक उद्देश्य क्या था? क्या रकम वास्तव में दी गई थी और यदि दी गई थी तो किस काम के लिए? तथा चैट में जिस “सर्किल” का उल्लेख है, वह किस कार्यालय अथवा प्रक्रिया से संबंधित है?
इन सवालों के जवाब कथित चैट से नहीं, बल्कि दस्तावेजी जांच और संबंधित पक्ष के आधिकारिक स्पष्टीकरण से ही सामने आ सकते हैं।
पोलखोल के पास उपलब्ध चैट की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इसलिए इन संदेशों को अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। संबंधित अधिकारी/व्यक्ति या विभाग यदि इस मामले में अपना पक्ष रखना चाहता है तो पोलखोल उसका पक्ष भी प्रकाशित करने के लिए तैयार है।
फिलहाल इतना जरूर है कि सामने आए इन संदेशों ने पहले उठाए गए मामले पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाह इस बात पर है कि संबंधित विभाग या सक्षम जांच एजेंसी इन कथित चैट और रकम के दावे की जांच कब और किस स्तर पर करती है।
नोट: समाचार में किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है। कथित चैट और सूत्र के दावे की स्वतंत्र पुष्टि जांच का विषय है!








