नरसिंहपुर:! 26 जून 2026 कथित जातिसूचक टिप्पणी के मामले को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर के नाम ज्ञापन सौंपकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
संगठन का आरोप है कि वाहन चेकिंग के दौरान सूरज पटैल ने रविदास समाज के प्रति कथित रूप से जातिसूचक एवं अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
ज्ञापन में संगठन ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए दोषी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। भीम आर्मी का कहना है कि इस तरह की कथित टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं और कानून के अनुसार कार्रवाई आवश्यक है।
संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भीम आर्मी भारत एकता मिशन धरना-प्रदर्शन एवं चक्का जाम जैसे आंदोलन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
फिलहाल, पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक कार्रवाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सूरज पटैल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना था। वीडियो में उनकी थाना प्रभारी यातायात ममता तिवारी एवं यातायात पुलिस के अन्य कर्मचारियों के साथ बहस होती दिखाई दी थी। बताया गया कि विवाद वाहन पर लगी काली फिल्म हटाने को लेकर हुआ था।
इसी वीडियो के दौरान बोले गए कुछ शब्दों को लेकर रविदास समाज ने आपत्ति जताई है। समाज और भीम आर्मी भारत एकता मिशन का आरोप है कि वीडियो में कथित रूप से जातिसूचक एवं अपमानजनक टिप्पणी की गई, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुईं।
इसी मामले में संगठन पहले भी पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग कर चुका है। अब 26 जून को भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने एक बार फिर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि मामले में शीघ्र एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
नोट: मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस की जांच एवं कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।








