नरसिंहपुर। 5 जुलाई 2026 मानसून के आगमन से पहले जिला प्रशासन ने जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलेभर में जर्जर एवं खतरनाक भवनों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से सभी नगरीय निकायों में सर्वेक्षण कर कुल 88 जर्जर भवनों की पहचान की गई है। इनमें 14 शासकीय और 74 निजी भवन शामिल हैं!
प्रशासन ने सभी संबंधित भवन स्वामियों एवं विभागों को नियमानुसार नोटिस जारी कर दिए हैं। साथ ही लोगों को सतर्क करने के लिए प्रत्येक चिन्हित भवन पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।
नगरीय निकायवार जर्जर भवनों की स्थिति इस प्रकार है:
नरसिंहपुर: 24 भवन (5 शासकीय, 19 निजी)
गाडरवारा: 16 भवन (1 शासकीय, 15 निजी)
करेली: 18 भवन (2 शासकीय, 16 निजी)
गोटेगांव: 21 भवन (सभी निजी)
तेंदुखेड़ा: 5 भवन (4 शासकीय, 1 निजी)
चीचली: 4 भवन (2 शासकीय, 2 निजी)
साईंखेड़ा एवं सालीचौका: कोई जर्जर भवन नहीं मिला।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे चिन्हित जर्जर भवनों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। भवन स्वामियों को भी नोटिस में निर्धारित समय-सीमा के भीतर मरम्मत या अन्य आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।








