नरसिंहपुर। 3 जून 2026
2 जून मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के सदस्य प्रियंक कानूनगो नरसिंहपुर जिले के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की योजनाओं और मानव अधिकारों से जुड़े मामलों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को मानव अधिकारों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और पीड़ितों को त्वरित न्याय एवं राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाएं, दिव्यांगजन प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड, पोषण पुनर्वास केंद्र, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, पॉक्सो एक्ट के प्रकरण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, छात्रवृत्ति योजनाएं, पीएम विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई।
इसके बाद शाम 5 बजे कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में प्रियंक कानूनगो ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान पोलखोल द्वारा पूछा गया कि जिले में राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों की कार्रवाई को लेकर नागरिकों की शिकायतें सामने आती रहती हैं, ऐसे मामलों में मानवाधिकार आयोग की भूमिका क्या होती है?
इस सवाल के जवाब में प्रियंक कानूनगो ने स्पष्ट किया कि हर प्रकार के विवाद या प्रशासनिक मामले में मानवाधिकार आयोग हस्तक्षेप नहीं करता। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी सामान्य विवाद या सिविल प्रकृति के मामलों में आयोग की सीधी भूमिका नहीं होती। लेकिन यदि किसी व्यक्ति के मूलभूत मानव अधिकारों का हनन हो रहा हो, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलना, पात्र व्यक्ति के पट्टे पर अवैध कब्जा होना, या अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों के अधिकारों का उल्लंघन होना, तो ऐसे मामलों में मानवाधिकार आयोग हस्तक्षेप करता है।
उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य मानव अधिकारों की रक्षा करना और पीड़ित व्यक्तियों को न्याय दिलाने में सहायता करना है। आयोग ऐसे मामलों में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है।
मीडिया संवाद के दौरान जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र नागेश अति:पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया उपस्थित रहे!








