नरसिंहपुर। 30 मई 2026 शहर के किसानी वार्ड निवासी हरिचंद महोबिया ने विपतपुरा स्थित एक निजी बैंक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी पत्नी भागवती महोबिया ने लगभग दो वर्ष पूर्व बैंक से 50 हजार रुपये का ऋण लिया था, जिसकी सभी किस्तें समय पर जमा की गईं। ऋण पूरा चुकाने के बाद बैंक ने उन्हें एनओसी (NOC) भी जारी कर दी, लेकिन इसके बावजूद उनका सिविल स्कोर खराब दिख रहा है और उन्हें डिफॉल्टर बताया जा रहा है।
हरिचंद महोबिया का आरोप है कि उन्होंने बैंक द्वारा निर्धारित सभी किस्तों का समय पर भुगतान किया और कभी कोई किस्त बकाया नहीं रही। इसके बावजूद रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि समस्या के समाधान के लिए वे लगातार बैंक के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला है।
वहीं, इस संबंध में पोलखोल द्वारा बैंक के एक अधिकारी से फोन पर चर्चा की गई। अधिकारी ने बताया कि वैलिडेशन के दौरान कुछ भ्रम की स्थिति और सर्वर संबंधी तकनीकी समस्या के कारण यह त्रुटि हुई है। उन्होंने कहा कि मामले को सुधारने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही रिकॉर्ड अपडेट कर दिया जाएगा।
फिलहाल सवाल यह है कि जब ऋण की पूरी राशि जमा हो चुकी है और बैंक द्वारा एनओसी भी जारी कर दी गई है, तो फिर सिविल स्कोर में डिफॉल्टर की एंट्री क्यों दिखाई दे रही है? इस मामले में बैंक की तकनीकी चूक है या कोई अन्य कारण, यह जांच का विषय बना हुआ है।
देखिए हरिचंद महोबिया ने क्या कहा, सिर्फ POLKHOL पर।








