*करण रैकवार केस: आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप, FIR नहीं होने पर मांझी समाज नाराज!*

नरसिंहपुर। 1 अगस्त 2026 थाना कोतवाली क्षेत्र में ट्रेन से कटकर हुई 25 वर्षीय करण रैकवार की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। म.प्र. मांझी जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है।

संगठन और मृतक के परिजनों का आरोप है कि 22 जुलाई 2026 को हुई करण रैकवार की मौत के मामले में पुलिस ने मर्ग क्रमांक 54/26 दर्ज कर जांच शुरू की थी। परिजनों का कहना है कि 23 जुलाई को पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है।

ज्ञापन में आजाद वार्ड कंदेली निवासी विकास श्रीवास्तव और राजू श्रीवास्तव के नाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि उपलब्ध कराए गए बयान और साक्ष्यों के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। परिजनों का आरोप है कि करण को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

मांझी समाज ने मांग की है कि मामले की जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में कराई जाए, यदि जांच में आत्महत्या के लिए उकसाने या अन्य आपराधिक कृत्य के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष गौरव रैकवार, जिलाध्यक्ष देवीप्रसाद कहार (बबलू), राकेश कहार, विक्की कहार, राजकुमार रैकवार, पंकज, राजेन्द्र, हेमंत, विवेक, शिवा, अनुराग गौर, आदर्श, नीरज कश्यप, संजू प्रजापति, दीपक कहार, चेतराम, विनीत, सुदाम प्रसाद सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

 

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Author: polkholnewz

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