नरसिंहपुर। 11 अगस्त 2026 सांकल रोड पर करीब 15 दिन पहले बनाई गई नाली का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर ढह गया। नवनिर्मित नाली के इतनी कम अवधि में धराशायी होने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नाली के टूटे हिस्से का मलबा अब जेसीबी मशीन की मदद से हटाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक नाली का निर्माण हाल ही में कराया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में इसका हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर ढह गया। इसके बाद मौके पर जेसीबी लगाकर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया गया था, तो महज 15 दिनों में नाली के ढहने की स्थिति कैसे बनी, इसकी जांच होनी चाहिए।
निर्माण सामग्री और तकनीकी निगरानी पर सवाल
नाली के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, बेस तैयार करने की प्रक्रिया, सीमेंट-कांक्रीट की गुणवत्ता और निर्माण के दौरान की गई तकनीकी निगरानी अब जांच के दायरे में आने वाले प्रमुख बिंदु हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता की जांच करानी चाहिए।
सरकारी राशि के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल
नवनिर्मित नाली के टूटने और उसके मलबे को हटाने की स्थिति ने सरकारी राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों में जनता के पैसों का इस्तेमाल होता है, इसलिए निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
जांच के बाद तय हो जिम्मेदारी
अब सवाल यह है कि नाली इतनी जल्दी क्यों ढही और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी? यदि निर्माण में खामी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार या एजेंसी पर कार्रवाई होगी या नहीं? साथ ही यह भी देखना होगा कि नाली के पुनर्निर्माण का खर्च किसकी जिम्मेदारी होगी।
फिलहाल सांकल रोड की नाली का ढहना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उनकी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। मामले में विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








