नरसिंहपुर। 14 जून 2026 जिले के मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश में प्रस्तावित यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के विरोध में जिला कलेक्टर के माध्यम से यूसीसी समिति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने यूसीसी लागू किए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों से जुड़ा विषय बताया।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, जिसे यथावत बनाए रखा जाना चाहिए। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यूसीसी लागू होने से व्यक्तिगत एवं धार्मिक कानूनों पर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे समुदाय की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर असर पड़ेगा।
ज्ञापन में मध्यप्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई एवं समिति के अन्य सदस्यों से मांग की गई कि राज्य में यूसीसी लागू करने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए। प्रतिनिधियों ने 21वें विधि आयोग के निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता को लागू करना आवश्यक नहीं है और इससे मौलिक अधिकारों से जुड़े सवाल खड़े हो सकते हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम के जिला संयोजक मोहम्मद रफीक खान और एडवोकेट नईम खान ने अपने विचार रखते हुए यूसीसी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक अधिकारों और विविधता का सम्मान किया जाना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नरसिंहपुर, करेली, रांकई सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हुए संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा।








