नरसिंहपुर। 15 जून 2026 लगभग 10 दिनों से लापता चल रहा प्रियांशु (विट्टू) साहू आखिरकार सकुशल अपने घर लौट आया। बेटे की वापसी से परिवार में खुशी का माहौल है। प्रियांशु के माता-पिता ने राहत की सांस लेते हुए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उसकी तलाश में सहयोग किया।
जानकारी के अनुसार प्रियांशु विट्टू साहू 3 जून को दोपहर करीब 2 बजे बिना किसी को बताए घर से निकल गया था। देर शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद देर रात थाना कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
4 जून को प्रियांशु के पिता धनीराम साहू एवं माता विनीता साहू ने पोलखोल स्टूडियो पहुंचकर अपने बेटे की तलाश में आमजन से मदद की अपील की थी। परिवार लगातार बेटे की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहा था।
शनिवार 13 जून को प्रियांशु सकुशल अपने घर लौट आया। पोलखोल से बातचीत में प्रियांशु ने बताया कि वह संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से काफी प्रभावित था। वह नियमित रूप से उनके प्रवचन सुनता था और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उसकी गहरी आस्था है। इसी कारण उसके मन में बार-बार वृंदावन जाकर श्रीकृष्ण के दर्शन करने और संत प्रेमानंद महाराज से मिलने की इच्छा जाग रही थी।
प्रियांशु ने बताया कि घर से निकलने के बाद वह सीधे वृंदावन-मथुरा पहुंच गया। वहां उसकी मुलाकात एक बुजुर्ग संन्यासी बाबा से हुई, जिन्होंने उसे अपनी कुटिया में आश्रय दिया तथा वस्त्र भी उपलब्ध कराए। वृंदावन में रहकर उसने परिक्रमा की और विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन किए।
प्रियांशु के अनुसार दर्शन और परिक्रमा पूरी होने के बाद संन्यासी बाबा ने उसे समझाया कि अब उसे अपने माता-पिता के पास वापस लौट जाना चाहिए। बाबा की बात मानकर वह अपने घर वापस लौट आया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रियांशु ने युवाओं से अपील की कि धार्मिक भावनाएं और आस्था अच्छी बात है, लेकिन किसी भी यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय से पहले माता-पिता एवं परिवार को अवश्य बताना चाहिए। वहीं परिवारजनों ने भी बच्चों से संवाद बनाए रखने और उनकी भावनाओं को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया।








