नरसिंहपुर, 16 अक्टूबर 2026। भोपाल में 13 अक्टूबर 2026 को गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन (GSU) के प्रदर्शन के दौरान जनजातीय विद्यार्थियों एवं प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। इस संबंध में गोंड समाज महासभा मध्यप्रदेश के प्रदेश स्तरीय युवा प्रकोष्ठ की ओर से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
महासभा की ओर से 15 अक्टूबर 2026 को जारी प्रतिवेदन में भारत की राष्ट्रपति, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को संबोधित करते हुए मामले की जांच कराने का अनुरोध किया गया है। प्रतिवेदन कलेक्टर, जिला नरसिंहपुर के माध्यम से भेजे जाने का उल्लेख है।
‘जय जोहार’ अभिवादन पर आपत्तिजनक प्रतिक्रिया देने का आरोप
प्रतिवेदन में आरोप लगाया गया है कि 13 अक्टूबर को भोपाल में GSU के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने ‘जय जोहार’ अभिवादन पर कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं अपमानजनक प्रतिक्रिया दी। इसमें यह भी कहा गया है कि कुछ विद्यार्थियों को पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाया गया।
महासभा ने इस पूरे घटनाक्रम को जनजातीय समाज की सांस्कृति
परंपराओं, गरिमा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा विषय बताया है।
निष्पक्ष जांच और तथ्यों की पुष्टि की मांग
प्रतिवेदन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(b) का उल्लेख करते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा शांतिपूर्वक एकत्र होने के अधिकारों के सम्मान की मांग की गई है। साथ ही संबंधित न्यायिक आदेशों की प्रामाणिकता और इस मामले में उनकी प्रयोज्यता की पुष्टि करने का अनुरोध भी किया गया है।
महासभा ने मांग की है कि पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराई जाए, संबंधित तथ्यों की पुष्टि की जाए और जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, प्रतिवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पुलिस पक्ष का आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है। मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








