नरसिंहपुर। 15 अक्टूबर 2026 जिले के विभिन्न शासकीय विभागों एवं जिला चिकित्सालय में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने 1 अप्रैल 2024 से पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन के अंतर (एरियर) की लंबित राशि का भुगतान कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर नरसिंहपुर के नाम आवेदन तैयार कर संबंधित अधिकारियों एवं ठेका एजेंसियों से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, श्रम आयुक्त मध्यप्रदेश की 4 मार्च 2024 की राजपत्र अधिसूचना के तहत 1 अप्रैल 2024 से पुनरीक्षित न्यूनतम वेतन दरें एवं परिवर्तनशील महंगाई भत्ता प्रभावशील किए गए थे। कर्मचारियों का कहना है कि श्रम पदाधिकारी नरसिंहपुर ने भी 28 अक्टूबर 2025 को जारी पत्र के माध्यम से संबंधित विभाग प्रमुखों को एरियर सहित भुगतान कराने के निर्देश दिए थे।
NHM के पत्रों का दिया हवाला
कर्मचारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), भोपाल के 29 मई 2026 एवं 15 जून 2026 के पत्रों का हवाला देते हुए कहा है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के एरियर की गणना और सत्यापन संबंधी जानकारी निर्धारित पोर्टल पर नहीं भेजे जाने के कारण बजट आवंटन की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि संबंधित ठेका एजेंसियों और स्थानीय अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी के चलते
कर्मचारियों का सत्यापन संबंधी डेटा समय पर प्रेषित नहीं हो पाया है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों एवं ठेका एजेंसियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
दो साल से अधिक समय से भुगतान लंबित होने का दावा
आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि 1 अप्रैल 2024 से अब तक की एरियर राशि का भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि वे शासकीय विभागों एवं जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सहित अन्य आवश्यक जनसेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
कलेक्टर से की यह मांग
कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित विभाग प्रमुखों, अस्पताल प्रशासन एवं ठेका एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही एरियर की गणना एवं सत्यापन की प्रक्रिया तत्काल पूरी कराकर पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार बकाया राशि का भुगतान कराया जाए।
आवेदन के साथ श्रम पदाधिकारी नरसिंहपुर के आदेश, NHM भोपाल के पत्रों तथा पूर्व में दिए गए आवेदनों की प्रतियां संलग्न किए जाने का उल्लेख है।
फिलहाल, एरियर भुगतान की वास्तविक स्थिति, सत्यापन प्रक्रिया और भुगतान की समय-सीमा के संबंध में संबंधित विभागों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
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