नरसिंहपुर। 4 अगस्त 2026 मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में गाडरवारा तहसील के ग्राम चीचली निवासी विष्णु प्रसाद अहिरवार ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर अपनी पुश्तैनी आजीविका से जुड़ी भूमि पर न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि उनका परिवार वर्ष 1994 से शासकीय भूमि पर खेती कर आजीविका चला रहा है, लेकिन वर्तमान में स्थानीय रेंजर एवं नाकेदार द्वारा उन्हें खेती करने और आम के पेड़ों की देखभाल करने से रोका जा रहा है।
आवेदन के अनुसार, संबंधित भूमि पर उनका परिवार पिछले लगभग 30 वर्षों से काबिज है। उनका कहना है कि वर्षों की मेहनत से उन्होंने वहां आम का बगीचा तैयार किया है और उसी भूमि पर खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 1999 की भीषण बाढ़ में उनके पुराने दस्तावेज नष्ट हो गए थे, जिसके कारण वर्तमान में स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने में कठिनाई हो रही है।
आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित भूमि पूर्व में राजस्व विभाग के अधीन थी तथा वर्ष 2004-05 में वन विभाग को हस्तांतरित की गई। परिवार का कहना है कि उनके कब्जे और खेती से जुड़े राजस्व विभाग के जुर्माना रिकॉर्ड वर्ष 2022-23 एवं 2024-25 में भी दर्ज हैं, जो उनके लंबे समय से कब्जे का प्रमाण हैं।
विष्णु प्रसाद अहिरवार ने कलेक्टर से मांग की है कि राजस्व एवं संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर मौके का निरीक्षण कराया जाए, आम के पेड़ों और पुराने मकान के अवशेषों का सत्यापन कराया जाए तथा वन अधिकार कानून के तहत उनके दावे पर कार्रवाई की जाए। साथ ही, जब तक मामले का अंतिम निराकरण नहीं हो जाता, तब तक उन्हें खेती करने और आम के पेड़ों की देखभाल से न रोका जाए।
फिलहाल यह मामला जनसुनवाई के माध्यम से प्रशासन के संज्ञान में आया है। आवेदन में लगाए गए आरोपों और दावों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।








