नरसिंहपुर
“पोलखोल” की खबर का असर तो पड़ा – पर सिर्फ कागज़ों तक!
प्रशासन ने राखी बाजार में फैली अव्यवस्था पर संज्ञान लेते हुए आज सुबह 6 अगस्त को सख्त निर्देश जारी किए थे कि शाम 4 बजे तक सभी अवैध रूप से लगी अस्थायी दुकानें हटाकर जनपद मैदान, सुभाष वार्ड में शिफ्ट की जाएं।
📢 लेकिन! तय समय निकल गई – न दुकानदारों में हलचल दिखी, न ही प्रशासन हरकत में आया।
👉 सवाल ये है कि जब आदेश का पालन करवाना ही नहीं था, तो अल्टीमेटम क्यों दिया गया?
क्या यह सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश थी?
📍 फिलहाल स्थिति यह है:
न अवैध दुकानों का हटना शुरू हुआ।
न जनपद मैदान में हलचल।
न कहीं प्रशासन की कार्रवाई की झलक।
कोई प्रशासन को नुमाईंदा दूर – दूर तक नजर नही आ रहा!
📌 वहीं दूसरी ओर, कलेक्टर कार्यालय में CMO, नगरपालिका और अन्य अधिकारियों की बैठक जारी है।
लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अभी तक प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह बैठक राखी बाजार को लेकर है भी या नहीं!
🧨 क्या यह “मीटिंग-मेज़-मैनेजमेंट” सिर्फ खानापूर्ति है?
🧨 क्या नियम-कायदे सिर्फ आम दुकानदारों पर लागू हैं, रसूखदारों पर नहीं?
🧨 क्या फिर से “नोटिस-बाजी” और “मौन प्रशासन” का ड्रामा दोहराया जाएगा?
💥 “पोलखोल” सवाल पूछता है:
प्रशासन को जवाब देना होगा –
आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
क्या राखी बाजार में अव्यवस्था को मौन स्वीकृति मिल गई है?
📣 “पोलखोल” इस ढुलमुल रवैये पर जनता की ओर से जवाब मांगता है!








