
जीवनशैली से संबंधित रोग और विकार जैसे उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, मोटापा, हृदय रोग, कैंसर, पीसीओएस और मेटाबोलिक सिंड्रोम में वृद्धि के साथ, पोषण विशेषज्ञ और आहार विशेषज्ञ की माँग बढ़ती ही जा रही है। कोरोना ने भी जन जन को सही खानपान अपनाने की ओर आकर्षित किया है।लोगों को समग्र स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है जो उनका मार्गदर्शन करें और स्वस्थ रहने, सही गुणवत्ता और मात्रा में भोजन का चयन करने, स्वास्थ्य स्थितियों का प्रबंधन करने और अपने और अपने परिवार के लिए एक स्वस्थ जीवन शैली बनाने के बारे में उन्हें मार्गदर्शन दे सकें। सेलिब्रिटीज और खिलाड़ी अब अपना पर्सनल न्यूट्रिशनिस्ट रखना पसंद करते हैं।
फ़ूड एंड न्यूट्रिशन के क्षेत्र में डिग्री हासिल करना, आज के ज़माने में, एक समझदारी भरा निवेश है। बी.एससी. फ़ूड एंड न्यूट्रिशन / न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स में मानव शरीर विज्ञान, जैव रसायन, खाद्य विज्ञान, उपचारात्मक पोषण का अपार सैद्धान्तिक व व्यावहारिक ज्ञान दिया जाता है।
कैसे बनाए कैरियर इस क्षेत्र में:-
न्यूट्रिशन की फील्ड में अपना करियर शुरू करने के लिए आपको इसकी डिग्री पूरी करना जरूरी है। आप किसी विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक/ स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त करके करियर को अपनी इच्छित दिशा में मोड़ सकते है। आप खाद्य विज्ञान(फूड साइंस) और पोषण में बी.एससी. और एम.एससी. पूरा कर सकते है।
आपके लिए इस क्षेत्र में खुले है विकल्प::
क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट
पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशनिस्ट
स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट
फ़ूड साइंटिस्ट
हेल्थ एंड वेलनेस कोच
फ़ूड ब्लॉगर/वलोगर
रजिस्टर्ड डायटीशियन
स्कूल काउंसलर फ़ॉर न्यूट्रिशन
न्यूट्रिशन कंटेंट राइटर
पोषण शिक्षक
इसके अलावा आपका अपना पोषण और आहार क्लिनिक, निजी परामर्श भी शुरू किया जा सकता है इसके साथ ही आप भोजन और पोषण में रिसर्च भी कर सकते है या फिर अपना बेहतर कैफे या रेस्तरां शुरू कर सकते हैं या उद्यमी बन सकते हैं।
फ़ूड एंड न्यूट्रिशन में एम.एससी. करने के पश्चात सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्रों जैसे अस्पताल, स्पोर्ट्स संस्थान, फ़ूड इंडस्ट्री, फार्मा इंडस्ट्री, फिटनेस सेन्टर, स्कूल और यूनिवर्सिटी में जॉब के लिए अप्लाई किया जा सकता है जो समय समय पर निकलती रहती हैं। ये कैरियर विकल्प विभिन्न कौशल सेटों और रुचियों से मेल खाने के लिए पर्याप्त हैं, और न्यूट्रिशन ग्रेजुएट के पास एक सुरक्षित नौकरी खोजने या खुद का व्यवसाय आरंभ करने की क्षमता विकसित हो जाती है।
कुशल और अनुभवी सलाहकारों के साथ सर्वश्रेष्ठ संस्थान या विश्वविद्यालय चुनना भी ज़रूरी है जो इस क्षेत्र में बढ़ने में मदद कर सकें। सभी राज्यों में कुछ कॉलेज व यूनिवर्सिटी में बी.एस सी. होम साइंस और उसके बाद एम.एससी. फ़ूड एंड न्यूट्रिशन करने के विकल्प उपलब्ध हैं। पोषण विशेषज्ञों की देश विदेश में बढ़ती माँग को देखते हुए वनस्थली विद्यापीठ ने अब स्नातक स्तर पर भी बी.एससी. फ़ूड साइंस एंड न्युट्रिशन कार्यक्रम आरम्भ किया है।
नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार यह डिग्री प्रोग्राम विद्यार्थियों को तीन वर्षीय या फिर चार वर्ष का बी.एससी. ओनर्स/ ओनर्स विद रिसर्च के विकल्प भी देता है। इस डिग्री के दौरान इंटर्नशिप का भी प्रावधान है जिससे विद्यार्थी के कार्यकौशल का विकास होता है। आगे पढ़ने के इच्छुक लोग फ़ूड साइंस एंड न्युट्रिशन में यहीं पर एम.एससी. व पीएच.डी. भी कर सकते हैं। शिक्षण व शोध सुविधाएं अतुलनीय हैं और विभाग के पास पेटेंट एवं उच्च श्रेणी के शोध पत्र हैं। यहाँ से पढ़ी छात्राएं देश के सर्वोत्तम अस्पतालों एवं अन्य संस्थानों में कार्यरत हैं तथा उद्यमिता में भी आगे हैं।
भारत मे ही नहीं, पूरे विश्व मे हेल्थ सेक्टर निरंतर उन्नति कर रहा है और आने वाले समय मे पोषण विशेषज्ञों की ज़रूरत बढ़ती ही जाएगी। ऐसे में फ़ूड एंड न्युट्रिशन बारहवीं में विज्ञान या गृह विज्ञान विषय पढ़ चुके विद्यार्थियों के लिए बेहतरीन कैरियर ऑप्शन है।
आलेख:-
डॉ मोनिका जैन
प्रोफेसर, फ़ूड साइंस एंड न्युट्रिशन
वनस्थली विद्यापीठ
ईमेल: monika_jain14@yahoo.com
(लेखक एक राष्ट्रीय विशेषज्ञ एवं प्रतिष्ठित वि वि में शिक्षक है)








