नरसिंहपुर। 2 जुलाई 2026 थाना कोतवाली क्षेत्र के बारूरेवा रेलवे पुल के पास झाड़ियों में मिले व्यक्ति के शव के मामले का नरसिंहपुर पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस की गहन जांच में मृतक की पत्नी, उसके कथित प्रेमी और एक अन्य साथी की हत्या की साजिश में भूमिका सामने आई है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने प्रेस वार्ता में बताया कि मृतक की पहचान तुलसीराम मेहरा (40 वर्ष), निवासी बहोरीपार के रूप में हुई। 30 जून को बारूरेवा रेलवे पुल के पास झाड़ियों में उसका शव मिला था। शव के गले पर मिले निशानों से गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज
डॉ. ऋषिकेश मीना ने बताया कि मामले में सबसे पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस का ध्यान खींचा। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मौत गला घोंटने से हुई थी। साथ ही यह भी सामने आया कि शव मिलने से करीब 36 से 48 घंटे पहले ही हत्या हो चुकी थी। जबकि घटनाक्रम को लेकर मृतक की पत्नी सरोज मेहरा के बयानों में विरोधाभास पाया गया। इन्हीं तथ्यों के आधार और महिला की गतिविधियों पर पुलिस सूत्रों की नजर से पुलिस का शक गहरा गया और जांच की दिशा बदल दी गई।
पत्नी और कथित प्रेमी पर पहुंची जांच
पुलिस जांच में सामने आया कि करीब एक वर्ष पहले तुलसीराम मेहरा का विवाह सरोज मेहरा (32) से हुआ था। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि सरोज के महेंद्र मेहरा, निवासी पुरगवां से कथित अवैध संबंध थे। इसकी जानकारी मृतक को लग चुकी थी, जिसके चलते पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था।
दावत बहाने बुलाकर की हत्या
पुलिस के अनुसार इसी विवाद के चलते सरोज ने महेंद्र मेहरा के साथ मिलकर तुलसीराम की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत मृतक को दावत के बहाने बुलाया गया, जहां कथित रूप से रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। मामले में महेंद्र मेहरा (43 ) के साथी विष्णु रजक की भूमिका भी जांच में सामने आई है।
पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।








