नरसिंहपुर। 27 जून 2026 जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। जिले में उपलब्ध एक दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपि का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण कर उसे ‘ज्ञान भारतम्’ पोर्टल पर अपलोड किया गया है। इससे यह अनमोल विरासत अब राष्ट्रीय डिजिटल अभिलेख का हिस्सा बन गई है।
यह कार्य कलेक्टर रजनी सिंह के निर्देशन में, डाइट के प्राचार्य राजीव श्रीवास्तव के मार्गदर्शन तथा जनपद पंचायत चीचली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गुप्ता के समन्वित प्रयासों से संपन्न हुआ।
जानकारी के अनुसार, चीचली-सालीचौका के समीप स्थित ग्राम मेरागांव में संत देवदास महाराज द्वारा सधुकड़ी बोली में रचित इस दुर्लभ पांडुलिपि का डिजिटल दस्तावेजीकरण कर उसे ज्ञान भारतम् पोर्टल पर सुरक्षित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और उनके डिजिटल दस्तावेजीकरण के उद्देश्य से ज्ञान भारतम् पोर्टल के माध्यम से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित कर भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित किया जा रहा है।
जिले की इस उपलब्धि को स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। साथ ही इससे नरसिंहपुर की ऐतिहासिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।














