नरसिंहपुर। 21 जून 2026
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शहर के प्रतिष्ठित काया इंटरनेशनल योग स्टूडियो में योग, कला और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस वर्ष की थीम “Yoga for Healthy Ageing (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग)” को केंद्र में रखकर आयोजित विशेष सत्र में महिला योग साधिकाओं ने मंडाला योग का अभ्यास करते हुए आकर्षक आकृतियां बनाईं। पारंपरिक गुलाबी साड़ियों में सजी साधिकाओं ने अपनी एकरूपता, अनुशासन और ऊर्जा से पूरे वातावरण को सकारात्मकता से भर दिया।
कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय योग मास्टर सुश्री इंदु सिंह ‘इंदुश्री’ के मार्गदर्शन में हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और प्रार्थना के साथ शुरू हुए इस विशेष सत्र में उन्होंने मंडाला योग की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि गतिशील ध्यान की एक प्रभावी विधा है, जो मस्तिष्क के दोनों हिस्सों में संतुलन स्थापित कर मानसिक एकाग्रता और आंतरिक शांति प्रदान करती है।
इस अवसर पर संध्या कोठारी , ज्योति चौहान, मालती विश्वकर्मा, भारती रघुवंशी, आरती सिंह, ज्योति नेमा, विनीता पांडे, चंचल श्रीवास्तव, अनामिका पटेल, प्रीति सोनी, पूनम मंदाना, सीमा नामदेव, मीना शर्मा, नेहा सोनी, सरिता लोधी, गुंजा लखेरा, अंजली नेमा, सपना पटेल, अदिति नेमा, देवांशी पटवा, आस्था पटवा एवं कीर्ति प्रजापति सहित सभी साधिकाओं ने चक्राकार गतियों और विभिन्न योग मुद्राओं के माध्यम से सुंदर मंडाला स्वरूप तैयार किए। हाथों और उंगलियों की कलात्मक मुद्राओं से बनी इन आकृतियों ने ब्रह्मांड की अनंत ऊर्जा, संतुलन और जीवन चक्र का प्रतीकात्मक संदेश दिया।
साधिकाओं को संबोधित करते हुए सुश्री इंदु सिंह ने कहा कि “योग फॉर हेल्दी एजिंग” आज की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। नियमित योग न केवल शरीर को लचीला और स्वस्थ बनाता है, बल्कि बढ़ती उम्र में होने वाली मानसिक समस्याओं, तनाव और भूलने की प्रवृत्ति से भी बचाने में सहायक है। उन्होंने कहा कि जब योग और कला का संगम होता है तो व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और प्रसन्नता का संचार होता है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी योग साधिकाओं ने नियमित योग करने और समाज में स्वास्थ्य एवं योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। शांति पाठ के साथ यह भव्य और प्रेरणादायक योग उत्सव संपन्न हुआ।








