नरसिंहपुर ! 12 जून 2026
नरसिंहपुर जिले के करकबेल जैन मंदिर में हुई चर्चित चोरी का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में 5 सदस्यीय शातिर चोर गिरोह को गिरफ्तार करते हुए 250 वर्ष पुरानी भगवान महावीर की अष्टधातु प्रतिमाएं, चांदी के छत्र, आसन, मुकुट सहित लाखों रुपये का चोरी गया सामान बरामद किया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और सूक्ष्म विवेचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान निगरानी बदमाश टिक्कू उर्फ टेकसिंह लडिया की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर उससे पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया।
पुलिस ने ज्ञानी प्रजापति, आशीष शर्मा, नितिन शर्मा तथा चोरी का सामान खरीदने वाले चिन्टू उर्फ मुकेश सोनी सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने करकबेल जैन मंदिर, रामनिवारी जैन मंदिर, तेन्दूखेड़ा जैन मंदिर समेत जिले में हुई पांच चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लगभग 250 वर्ष पुरानी भगवान महावीर की दो अष्टधातु प्रतिमाएं, 17 चांदी के छत्र, 2 चांदी के आसन, चांदी का मुकुट, इनवर्टर, बैटरियां, एलईडी टीवी, फ्रिज, डीवीआर, पंखे, नगदी और चोरी में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बरामद प्रतिमाओं को देखकर जैन समाज के लोगों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। समाज के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन, मीडिया और जांच टीम का आभार व्यक्त किया। जैन समाज के प्रतिनिधि राजकुमार जैन ने कहा कि जिसने धार्मिक महत्व की वस्तुओं को जानबूझकर खरीदा, उसके खिलाफ भी कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जैन समाज ने पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया, एसडीओपी मनीष त्रिपाठी सहित पूरी पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि भगवान महावीर की प्रतिमाओं की बरामदगी से समाज में खुशी और श्रद्धा का माहौल है। यह कार्रवाई धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों मेंपुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण बनी है।








