*पोलखोल | पहली बारिश में खुली मंडी की पोल! खुले में भीगा किसानों का अनाज, सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल, क्या कहा किसानों ने और क्या कहा मंडी प्रशासन ने पोलखोल की रिपोर्ट!*

नरसिंहपुर। 6 जून 2026 कृषि उपज मंडी नरसिंहपुर में हुई 6 जूश शनिवार को आज सुबह हल्की बारिश ने व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का आरोप है कि मंडी में पर्याप्त भंडारण व्यवस्था न होने के कारण हजारों टन अनाज खुले में रखा जाता है, जिससे बारिश के दौरान फसल खराब होने का खतरा बना रहता है।

भारतीय किसान यूनियन टिकैत संघ के जिला अध्यक्ष विमलेश पटैल ने आरोप लगाया कि मंडी परिसर में बने शटरयुक्त गोदामों में किसानों के अनाज के बजाय व्यापारियों का अनाज रखा जाता है, जबकि किसानों का अनाज खुले में पड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि नई मंडी के लिए 12 एकड़ भूमि स्वीकृत होने की बात कही जाती है, लेकिन अब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। उनका यह भी कहना है कि मंडी की समस्याओं को देखने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शायद ही कभी निरीक्षण करने पहुंचते हों।

ग्राम करैहया निवासी किसान नीलेश गुमास्ता, जो 50 क्विंटल गेहूं लेकर मंडी पहुंचे थे, ने भी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मंडी की कैंटीन में निर्धारित दरों की जानकारी देने वाला कोई बोर्ड नहीं लगा है और न ही किसानों को निर्धारित दरों पर भोजन उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने पेयजल व्यवस्था को भी अपर्याप्त बताया।

किसान मुनिराज पटैल ने बताया कि उनका अनाज भी खुले में रखा गया था, जो बारिश में भीग गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने मंडी प्रशासन को मानसून सक्रिय होने की जानकारी देते हुए अनाज को सुरक्षित रखने की मांग की थी। उनका आरोप है कि उन्हें नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

 

किसान अनुभव जैन ने कहा कि मंडी को राजस्व के रूप में बड़ी राशि प्राप्त होती है, लेकिन सुविधाओं के विस्तार और सुधार पर उसका प्रभाव दिखाई नहीं देता। वहीं किसान सुमेर गुमास्ता ने भी मंडी में किसानों को होने वाली परेशानियों का उल्लेख किया।

मामले में मंडी सचिव देवेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए हैं और किसानों को भुगतान समय पर कराने के प्रयास किए जाते हैं। हालांकि, भुगतान संबंधी दावे पर कुछ किसानों ने मौके पर ही आपत्ति जताते हुए देरी की शिकायत की।

 

मंडी सचिव ने यह भी कहा कि कैंटीन में भोजन, चाय और नाश्ते की निर्धारित दरों का बोर्ड जल्द लगवाया जाएगा तथा खुले में रखे अनाज की सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

किसानों और मंडी प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय तथा किसानों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। अन्नदाता की उपज की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना सभी संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी है।

 

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Author: polkholnewz

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