“12 किमी पहाड़ पैदल पार कर बड़ागांव पहुंचीं कलेक्टर रजनी सिंह, अब शहर के अतिक्रमण पर कब चलेगा ‘लेडी सिंघम’ एक्शन?”

नरसिंहपुर, 15 मार्च 2026।
जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में बसे जनपद पंचायत चीचली की ग्राम पंचायत मोहपानी के आदिवासी बाहुल्य ग्राम बड़ागांव में शनिवार को जनसंवाद शिविर आयोजित किया गया। गांव में मुख्य रूप से भारिया जनजाति के लोग निवास करते हैं। ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर सुनने और शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में कलेक्टर रजनी सिंह स्वयं 12 किलोमीटर दुर्गम पहाड़ी रास्ता पैदल चलकर गांव पहुंचीं। उनके साथ सीईओ जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह नागेश सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

शिविर में कलेक्टर रजनी सिंह ने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने गांव तक पहुंच मार्ग की समस्या बताई, जिस पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि आगामी सप्ताह मेंबड़ागांव तक पहुंच मार्ग के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

 

कलेक्टर ने महिलाओं को स्वसहायता समूह बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आटा चक्की, मुर्गी पालन, बकरी पालन जैसी गतिविधियों से महिलाएं अपनी आय बढ़ा सकती हैं। इसके लिए प्रशिक्षण और स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने आगामी 19 मार्च से शुरू होने वाले “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण का संदेश भी दिया।

जनसंवाद शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। कृषि विभाग के उप संचालक मोरिस नाथ ने किसानों को विभागीय योजनाओं और आवेदन प्रक्रिया के बारे में बताया। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. सुनील बृजपुरिया ने पशुपालन योजनाओं की जानकारी दी। वहीं सीएचओ सौम्या ब्रह्माण ने आयुष्मान कार्ड, जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण अभियान सहित स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के बारे में बताया।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां भी वितरित कीं।

निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्र में एक कुपोषित बच्चे की जानकारी मिलने पर कलेक्टर स्वयं उसके घर पहुंचीं और परिजनों को समझाइश दी कि बच्चे को एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कराने से उसे उचित उपचार और पोषण मिल सकेगा। समझाइश के बाद परिजनों ने बच्चे को भर्ती कराने की सहमति दे दी।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बने और निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण भी किया। हितग्राही मोहन भारिया के पूर्ण आवास की सराहना की, जबकि शंकर भारिया और विनोद भारिया के निर्माणाधीन आवासों की प्रगति की जानकारी ली।

शहर में भी कार्रवाई की उम्मीद
दुर्गम पहाड़ियों में बसे आदिवासी गांव तक पैदल पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनना प्रशासन की संवेदनशीलता का सकारात्मक उदाहरण है। वहीं शहर के नागरिकों की भी उम्मीद है कि इसी तरह प्रशासन मेन रोड, बाहरी रोड, श्याम टाकीज रोड, चौपाटी, गुरुद्वारा क्षेत्र और सिंगपुर चौराहा जैसे स्थानों पर लंबे समय से बने अवैध अतिक्रमण और गंदगी की समस्या पर भी सख्त कार्रवाई करेगा।

नागरिकों का मानना है कि यदि शहर में अतिक्रमण हटाने और स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए, तो नरसिंहपुर को स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम होगा।

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Author: polkholnewz

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