नरसिंहपुर / 29 दिसंबर 2025
इन दिनों शहर में यदि किसी एक विषय पर सबसे अधिक चर्चा है, तो वह है.. “हाजिरी लगाने” की।
लेकिन यह हाजिरी न तो किसी स्कूल, कॉलेज या शासकीय कार्यालय की है, बल्कि चर्चा है पूर्व मंत्री जालम सिंह जी के निवास पर लगने वाली हाजिरी की।
यह बात हम नहीं कह रहे, बल्कि बाजार और जनचर्चाओं में आम लोग यह सवाल उठा रहे हैं। यहां तक कि लोगों के बीच यह चर्चा भी सुनने को मिल रही है कि अब यह स्पष्ट नहीं रहता कि कोई व्यक्ति जनप्रतिनिधि है या कोई बड़ा अभिनेता..क्योंकि अफवाहों का बाजार गर्म है।
कहा जा रहा है कि जब भी कोई शासकीय अधिकारी नगर या जिले में आता है, तो उसे पूर्व मंत्री के निवास पर जाकर मिलने की “हाजिरी” लगानी पड़ती है?
हालांकि, इस दावे की सच्चाई क्या है, यह न हम जानते हैं और न ही इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि है?
संभव है कि यह केवल लोगों की धारणा हो। यह भी मुमकिन है कि पूर्व मंत्री के यहां जनता दरबार जैसा माहौल रहता हो, जहां आम नागरिकों के साथ-साथ शासकीय अधिकारी भी शिष्टाचारवश मिलने आते हों, और उसी को लोगों ने “हाजिरी” का नाम दे दिया हो।
👉 एक बात जो स्पष्ट रूप से कही जा सकती है कि पूर्व मंत्री जालम सिंह पर आज तक किसी भी विभागीय कार्य में सीधे हस्तक्षेप का आरोप नहीं रहा है।
👉 लेकिन जनचर्चा यह भी इशारा करती है कि उनके आसपास मौजूद कुछ लोग कथित तौर पर अपने प्रभाव का गलत लाभ उठाते हों, जिसके चलते कुछ जिम्मेदार अधिकारी असहज महसूस करते हों और कार्य निष्पादन प्रभावित होता हो।
जनमानस का मानना है कि इन अफवाहों और चर्चाओं को लेकर स्वयं पूर्व मंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो और प्रशासनिक कार्य बिना किसी दबाव के सुचारू रूप से चलता रहे।
यह सवाल भी उसी जनता का है, जिसने उन्हें कभी विधानसभा में अपना मत दिया था।
इसी विश्वास के साथ यह प्रश्न खबर के माध्यम से सार्वजनिक विमर्श के लिए रखा गया है, न आरोप के रूप में, न निर्णय के रूप में, बल्कि स्पष्टीकरण की अपेक्षा के साथ।
नोट – खबर में आरोप नही लगाए हैं, तो कृपया पूर्व मंत्री जी के कान मत भरना, मुझे तो विघ्नहर्ता श्री गणेश भगवान का आदेश था, की मैं खबर के माध्यम से ये मैसेज उन तक, पहुंचाओं. क्योंकि मैं भी एक वोटर हूं.. और एक बार मैंने भी उन्हें वोट दिया था. और साईं बाबा की तस्वीर भी..!
सौरभ प्रताप सिंह








