नरसिंहपुर। 28 दिसंबर 2025
यूथ फॉर सेवा, नरसिंहपुर द्वारा स्वामी विवेकानंद कॉलेज परिसर में आयोजित “नवोदित कार्यक्रम” बच्चों के सपनों, प्रतिभा और आत्मविश्वास का सजीव उत्सव बनकर सामने आया। जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों से आए नन्हे-नन्हे प्रतिभागियों ने मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम में सोलो डांस, ग्रुप डांस एवं रंगोली जैसी रंगारंग प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों ने अपनी छिपी प्रतिभाओं को पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया। मंच पर उतरते ही बच्चों की आंखों में झलकता उत्साह और चेहरे पर आत्मविश्वास यह संदेश दे रहा था कि सही अवसर मिलने पर हर बच्चा असाधारण कर सकता है।
इस गरिमामय आयोजन के मुख्य अतिथि श्रीमान गजेंद्र नागेश जी, सीईओ जिला पंचायत नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश) रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में संध्या कोठारी जी, डॉ. स्वाति चांदोलकर जी एवं सुमित दुबे की उपस्थिति रही।
अतिथियों ने यूथ फॉर सेवा के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि शासकीय विद्यालयों के बच्चों को एक साथ इतने बड़े मंच पर अवसर देना अत्यंत प्रेरणादायक पहल है। यह कार्यक्रम न केवल बच्चों की प्रतिभा को पहचान दिलाता है, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव भी मजबूत करता है।
कार्यक्रम में कुल 178 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। आयोजन की सफलता में यूथ फॉर सेवा के वॉलिंटियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम के अंतर्गत वैशाली पांडे, खुशबू कुशवाहा, आरती रैकवार, कमल किशोर मेहरा, मानस गुप्ता एवं वेदांत दुबे ने अहम योगदान दिया।
कार्यक्रम का मंच संचालन आशना यादव एवं दिनेश अग्रवाल द्वारा किया गया, जबकि मंच की देखभाल मनीषा ने संभाली। इसके अलावा कार्यक्रम को सफल बनाने में बृजेश साहू, शालिनी, कालूराम, यशिका सोनी सहित अन्य वालंटियर्स का भी सराहनीय सहयोग रहा।
साथ ही आयोजन में वैशाली पांडे, आरती रैकवार, खुशबू, खुशी ढीमोले, कमल किशोर मेहरा, कालूराम, वेदांत दुबे, दिनेश अग्रवाल, विवेक साहू, विवेक मेहरा, बृजेश चौधरी, रुपेश नामदेव, ऋतिक कुशवाहा, मोतीलाल, मनीष राजपूत, आशना, गरिमा पांडे, साक्षी, यशिका सोनी एवं शालिनी की सक्रिय सहभागिता रही।
यूथ फॉर सेवा का यह “नवोदित कार्यक्रम” उन बच्चों के लिए आशा की किरण बनकर आया, जिनकी प्रतिभा अब तक मंच की प्रतीक्षा कर रही थी। यह आयोजन समाज को यह स्पष्ट संदेश देता है कि यदि बच्चों को अवसर, मार्गदर्शन और विश्वास मिले, तो वे निश्चित ही असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं।








