नरसिंहपुर ! 15 मई 2026
नरसिंहपुर/गाडरवारा 14 वर्षीय योगिता चौरे, जो थैलेसिमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, उसके परिवार पर अब आर्थिक संकट गहरा गया है। बच्ची को हर महीने दो यूनिट ब्लड चढ़ाना पड़ता है और इलाज के लिए भोपाल ले जाना पड़ता है, जिसमें हजारों रुपये खर्च होते हैं।
पीड़ित पिता बसंत चौरे और माता रोशनी चौरे गाडरवारा से नरसिंहपुर स्थित पोलखोल कार्यालय पहुंचे और अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल रोड पर उनकी छोटी चाय-नाश्ते की दुकान ही परिवार की रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा थी, लेकिन प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान में दुकान हटा दी गई।
परिवार का कहना है कि दुकान से होने वाली कमाई से ही बेटी का इलाज, मकान किराया और घर का खर्च चलता था। अब दुकान हटने के बाद परिवार के सामने जीवनयापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
बसंत चौरे ने बताया कि वह अपनी समस्या लेकर कलेक्टर रजनी सिंह के पास भी पहुंचे थे और अस्थाई रूप से दुकान लगाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली।
परिवार ने यह भी बताया कि 13 मई को मुंगवानी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपनी पीड़ा रखते हुए इच्छामृत्यु तक की मांग की थी।
अब परिवार प्रशासन और समाज से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है, ताकि उनकी बेटी योगिता का इलाज लगातार चलता रहे और परिवार फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके।








