नरसिंहपुर। 10 सितम्बर 2026 मौजा नरसिंहपुर स्थित भूमि को लेकर सिद्ध बाबा ट्रस्ट और भूमि स्वामी के बीच विवाद का मामला राजस्व न्यायालय तक पहुंच गया है। मामले में ट्रस्ट के ट्रस्टी संदीप नेमा निवासी स्टेशनगंज नरसिंहपुर एवं पंकज नेमा निवासी चीलाचौनकला को उत्तरवादी बनाया गया है।
प्रकरण में अपीलार्थी की ओर से आरोप लगाया गया है कि मौजा नरसिंहपुर, प.ह.नं. 40, तहसील एवं जिला नरसिंहपुर स्थित खसरा नंबर 99/2, रकबा 0.340 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेख में विभिन्न खातेदारों के नाम दर्ज रही है। आदेश में उल्लेख है कि सतीश श्रीवास्तव के निधन के बाद अपीलार्थी का नाम उत्तराधिकारी के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।
अपीलार्थी का आरोप है कि उनके स्वामित्व वाली भूमि के कुछ हिस्से पर सिद्ध बाबा ट्रस्ट के ट्रस्टियों द्वारा सीमेंट की सड़क तथा टीन शेड का निर्माण कर अतिक्रमण कर कब्जा किया गया है।
मामले में भूमि के सीमांकन के लिए तहसीलदार नरसिंहपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए जाने की बात भी आदेश में दर्ज है। इसके बाद राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी एवं पैमाइश टीम द्वारा संबंधित सरहदी कास्तकारों को सूचना देकर उनकी उपस्थिति में 1 फरवरी 2021 को भूमि की पैमाइश की गई। आदेश के अनुसार, पैमाइश के बाद आवेदक को उसकी भूमि की स्थिति बताई गई।
यह मामला पहले भी न्यायालय में सुनवाई के लिए आया था। अपर आयुक्त, जबलपुर संभाग, जबलपुर के प्रकरण क्रमांक 0520/अपील/2025-26 में 26 फरवरी 2026 को पारित आदेश के माध्यम से पूर्व आदेश दिनांक 13 जून 2025 को निरस्त कर प्रकरण को पुनः सुनवाई के लिए संबंधित न्यायालय को वापस भेजा गया था।
इसके बाद मामले को पुनः सुनवाई में लिया गया और 24 अगस्त 2026 को आदेश पारित किया गया। मामले में भूमि पर कथित अतिक्रमण, सीमांकन एवं राजस्व अभिलेखों से जुड़े तथ्यों पर न्यायालयीन प्रक्रिया जारी है।
महत्वपूर्ण: ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर लगाए गए अतिक्रमण के आरोप अपीलार्थी के पक्ष से बताए गए हैं। इन आरोपों पर ट्रस्ट/उत्तरवादी पक्ष का पक्ष इस उपलब्ध आदेश के अंश में सामने नहीं आया है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाना उचित होगा।








