नरसिंहपुर। 21 अक्टूबर 2026 विजयादशमी के पावन पर्व पर नरसिंहपुर में राजपूत समाज द्वारा परंपरा और श्रद्धा के साथ शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप एवं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। साथ ही शस्त्रों का पूजन कर समाज की गौरवशाली परंपराओं का स्मरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान राजपूत समाज के लोगों ने वीरता, शौर्य, स्वाभिमान और सनातन संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में शस्त्र पूजन की परंपरा के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
शौर्य, सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है शस्त्र पूजन
विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। राजपूत समाज में इस दिन शस्त्र पूजन की परंपरा का विशेष महत्व है। यह परंपरा धर्म की रक्षा, आत्मरक्षा, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण का संदेश देती है।
इस अवसर पर महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और स्वाभिमान को याद किया गया। वहीं भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया गया।
राजपूत समाज का यह आयोजन परंपराओं के संरक्षण, सांस्कृतिक मूल्यों के सम्मान और आने वाली पीढ़ियों को वीरता एवं स्वाभिमान की गौरवशाली विरासत से परिचित कराने का संदेश देता है।








