नरसिंहपुर। 6 जून 2026 ग्राम सिंहपुर बड़ा निवासी बुजुर्ग महिला कृष्णाबाई गौंड ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में कुछ लोगों ने उन्हें झांसे में लेकर लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया। कृष्णाबाई का कहना है कि उन्होंने वर्षों तक बकरी पालन कर अपनी पूंजी एकत्रित की थी, जिसे विभिन्न दस्तावेजों और लेन-देन के माध्यम से संबंधित लोगों को दिया गया, लेकिन बाद में उन्हें उनकी राशि वापस नहीं मिली।
कृष्णाबाई द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में लाखों रुपये के लेन-देन का उल्लेख है। इनमें एक अनुबंध पत्र में 7 लाख रुपये की राशि तथा संपत्ति को बंधक स्वरूप रखने संबंधी शर्तों का जिक्र है। वहीं एक अन्य दस्तावेज में श्वेता तिवारी नामक महिला द्वारा 70 हजार रुपये प्राप्त करने की रसीद का उल्लेख है। इसके अलावा एक इकरारनामा भी सामने आया है, जिसमें 8 लाख रुपये उधार लेने का विवरण दर्ज बताया गया है।
बुजुर्ग महिला का आरोप है कि उन्हें विभिन्न व्यक्तियों से मिलवाकर भरोसे में लिया गया और इसी दौरान उनसे बड़ी रकम प्राप्त की गई। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई संबंधित लोगों को दी थी, लेकिन तय समय सीमा के बाद भी राशि वापस नहीं मिली।
पोलखोल से बातचीत में कृष्णाबाई ने अपनी आपबीती बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि यह खबर कृष्णाबाई द्वारा लगाए गए आरोपों, उनके कथनों तथा उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। मामले में किसी न्यायालय अथवा जांच एजेंसी द्वारा आरोपों की पुष्टि होना शेष है।








