नरसिंहपुर। 23 सितंबर 2026। महिला एवं बाल विकास विभाग में आधार ऑपरेटर पदों पर हालिया चयन प्रक्रिया को लेकर जिले में सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर वायरल हो रहे दावों में चयन सूची में एक ही परिवार अथवा रिश्तेदारी से जुड़े बताए जा रहे कई अभ्यर्थियों के चयन पर आपत्ति जताई जा रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि आधार ऑपरेटर के कुल 11 पदों के लिए जिले से करीब 70 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। चयन सूची सामने आने के बाद कुछ आवेदकों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि चयनित 11 अभ्यर्थियों में से कथित तौर पर 5 उम्मीदवार एक ही रिश्तेदारी से जुड़े हुए हैं।
वायरल दावों में निम्न नामों का उल्लेख किया जा रहा है..
दिलीप कुशवाहा, निवासी पीपरपानी, गोटेगांव
नीलेश कुशवाहा, निवासी महगुंवा, गोटेगांव
ब्रजेश कुशवाहा, निवासी महगुंवा, गोटेगांव
रुकमन कुशवाहा, निवासी पीपरपानी, गोटेगांव
संतोष कुमार कुशवाहा, निवासी ठेमी, गोटेगांव
वायरल दावों में इन अभ्यर्थियों के बीच पारिवारिक अथवा करीबी रिश्तेदारी होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन रिश्तों और चयन प्रक्रिया में किसी अनियमितता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चयन प्रक्रिया पर जांच की मांग
मामले को लेकर कुछ स्थानीय आवेदकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा चयन प्रक्रिया की जांच की मांग किए जाने की बात सामने आई है। उनका कहना है कि चयन में निर्धारित पात्रता, मेरिट, आरक्षण, दस्तावेज सत्यापन और अन्य लागू नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी विभागीय स्तर पर जांच होनी चाहिए।
कुछ आवेदकों की ओर से यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि यदि चयनित उम्मीदवारों में एक ही परिवार अथवा रिश्तेदारी के कई लोग शामिल हैं, तो क्या यह महज संयोग है या इसके पीछे चयन प्रक्रिया से संबंधित कोई तथ्य है। इसका स्पष्ट उत्तर संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड से ही सामने आ सकता है।
‘सेटिंग’ के दावे की भी पुष्टि बाकी
सोशल मीडिया पर चयन में कथित ‘सेटिंग’ अथवा प्रभाव के इस्तेमाल जैसे दावे भी किए जा रहे हैं। इन आरोपों की फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि वायरल एवं अप्रमाणित आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अब मुख्य सवाल यह है कि चयनित अभ्यर्थियों की पात्रता, मेरिट सूची, दस्तावेज सत्यापन और चयन प्रक्रिया के रिकॉर्ड में क्या स्थिति है। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जांच के बाद जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
फिलहाल महिला एवं बाल विकास विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
नोट: यह समाचार उपलब्ध दस्तावेजों/स्थानीय दावों और वायरल जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना आवश्यक है।







