नरसिंहपुर। 13 अगस्त 2026 जीवनसाथी डॉट कॉम के माध्यम से महिला चिकित्सक से संपर्क कर स्वयं को डॉक्टर और IAS अधिकारी बताकर करीब 3 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को नरसिंहपुर पुलिस ने वाराणसी, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद के UPSC में चयनित होकर मध्यप्रदेश कैडर मिलने और धार जिले में SDM पद पर पदस्थ होने का झूठा दावा किया था।
पुलिस के अनुसार, नरसिंहपुर निवासी महिला चिकित्सक ने 10 अगस्त 2026 को थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला की पहचान जीवनसाथी डॉट कॉम के जरिए संजय कुमार निवासी बभनौती, जिला भदोही से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को चिकित्सक बताते हुए दावा किया कि उसने MBBS और MD पटना से तथा DM भुवनेश्वर से किया है। इसके अलावा उसने UPSC में चयनित होकर मध्यप्रदेश कैडर मिलने और वर्तमान में धार जिले में SDM के पद पर पदस्थ होने की बात कही।
आरोपी ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने करीबी संबंध होने का दावा कर महिला को विश्वास में लिया और सहायता करने के नाम पर अलग-अलग माध्यमों से करीब 3 लाख रुपये प्राप्त कर लिए। संदेह होने के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की।
विशेष टीम गठित कर शुरू की जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने आरोपी की पहचान, गिरफ्तारी और पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की। पुलिस ने आरोपी के जीवनसाथी डॉट कॉम और सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच की। धार जिला प्रशासन से जानकारी लेने पर पता चला कि आरोपी द्वारा बताए गए नाम का कोई IAS अधिकारी वहां SDM के पद पर पदस्थ नहीं है।
तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पतासाजी के बाद पुलिस को आरोपी के उत्तर प्रदेश में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम वाराणसी पहुंची और दबिश देकर आरोपी संजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
गांव और परिवार को भी बताता था खुद को IAS
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी केवल महिला चिकित्सक को ही नहीं, बल्कि अपने गांव और परिजनों को भी लंबे समय से खुद को IAS अधिकारी बताकर भ्रमित करता था। वह स्वयं को SDM पद पर पदस्थ बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी वरिष्ठ अधिकारियों, प्रशासनिक संस्थानों और सरकारी कार्यालयों से संबंधित फोटो एवं सामग्री का इस्तेमाल कर खुद को प्रभावशाली अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था। वह इन तस्वीरों को मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड कर लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास करता था।
AI से फोटो एडिट कर बनाता था फर्जी पहचान
पुलिस के मुताबिक आरोपी AI आधारित तकनीक की मदद से फोटो एडिट कर खुद को उच्च पदस्थ अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था। वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी कार्यक्रमों से संबंधित तस्वीरों में छेड़छाड़ कर वह अपनी फर्जी पहचान को मजबूत करता था।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस उसके बैंक खातों, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी तो नहीं की।
नरसिंहपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन मैट्रिमोनियल वेबसाइट, सोशल मीडिया या मोबाइल कॉल के माध्यम से संपर्क करने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें। खुद को IAS, IPS, डॉक्टर या अन्य उच्च पदस्थ अधिकारी बताने वाले लोगों को धनराशि या व्यक्तिगत और बैंक संबंधी जानकारी देने से बचें। संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।








