नरसिंहपुर। 29 जुलाई 2026 जिले की गाडरवारा तहसील के ग्राम भौरझिर के कई ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कलेक्टर के नाम शिकायत सौंपकर जिला स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 40 से 45 वर्षों से कच्ची टपरियों और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं, जबकि आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को योजना का लाभ दे दिया गया।
शिकायत में बताया गया है कि अधिकांश आवेदक भूमिहीन हैं और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वर्तमान बारिश के मौसम में उनके कच्चे मकान अत्यंत जर्जर हो चुके हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने पहले भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किए थे। 28 जनवरी 2026 की जनसुनवाई में दिए गए आवेदन के बाद जांच में उन्हें पात्र भी पाया गया, लेकिन अब तक उन्हें आवास स्वीकृत नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर नियमों की अनदेखी करते हुए कथित रूप से आर्थिक लेन-देन और भ्रष्टाचार के आधार पर ऐसे लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया, जिनके पास पहले से पक्के मकान, कई एकड़ कृषि भूमि, ट्रैक्टर और चार पहिया वाहन उपलब्ध हैं। शिकायत के साथ 32 कथित अपात्र लाभार्थियों की नामजद सूची भी संलग्न की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत के स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों से अलग जिला स्तरीय विशेष जांच दल गठित कर नेहरा मौजा और समनापुर क्षेत्र में भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही, यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो अपात्र लाभार्थियों से राशि की वसूली कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए तथा वास्तविक पात्र और बेघर परिवारों को शीघ्र प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








