नरसिंहपुर। 26 जुलाई 2026 जिले की बरमान चौकी से जुड़े एक मामले में महिला की मौत के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका के पति ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में चौकी में पदस्थ पुलिसकर्मियों और एक संदिग्ध व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, महिला 23 जुलाई को घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी। परिजनों ने एक व्यक्ति पर संदेह जताते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। आरोप है कि पुलिस ने संदिग्ध से पूछताछ की, जिसके बाद अगले दिन महिला बरमान चौकी पहुंची
पति का आरोप है कि महिला की तबीयत बेहद खराब थी, इसके बावजूद उसे सुबह 8 से दोपहर 3 तक चौकी में बैठाए रखा गया और समय पर इलाज नहीं कराया गया। बाद में जब अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने परिजनों से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए, मामले में लापरवाही बरती और संदिग्ध व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया। साथ ही महिला के अपहरण, बंधक बनाकर रखने, मारपीट तथा अन्य गंभीर अपराधों की जांच कर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहे हैं कि यदि आवेदन में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं तो क्या पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा बरमान चौकी में पदस्थ संबंधित पुलिसकर्मियों और चौकी प्रभारी की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करेंगे? मामले में चौकी के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों की जांच की मांग भी उठ रही है।
फिलहाल महत्वपूर्ण तथ्य:
यह सभी आरोप मृतका के पति द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में लगाए गए हैं।
पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
मामले की सच्चाई पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।








