नरसिंहपुर ! 26 जुलाई 2026
नरसिंहपुर। 19 जुलाई की रात सुआतला थाना क्षेत्र के इंद्रानगर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर हुआ भीषण हादसा, जिसमें पांच लोगों की मौत और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ था, अब हत्या की सुनियोजित साजिश के रूप में सामने आया है। शुरुआती तौर पर यह मामला तेज रफ्तार हाईवा की टक्कर से हुई सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन नरसिंहपुर पुलिस की गहन जांच ने पूरे घटनाक्रम की परतें खोल दीं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने इस संवेदनशील मामले की जांच स्वयं अपने हाथ में ली। देर रात घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई घंटों तक घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसी दौरान सड़क पर पड़ा अंग्रेजी अक्षर “A” का टूटा हुआ मोनोग्राम पुलिस की नजर में आया। देखने में मामूली लगने वाला यही टुकड़ा पूरी जांच का सबसे महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ।
कैसे खुला हत्या का राज?
मोनोग्राम मिलने के बाद पुलिस ने यह संभावना जताई कि घटना में टाटा कंपनी का भारी वाहन शामिल हो सकता है। इसके बाद शाहपुरा (जबलपुर) से लेकर घटनास्थल तक लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और वैज्ञानिक जांच को जोड़ते हुए पुलिस उस हाईवा तक पहुंच गई, जिसे वारदात के बाद हीरापुर-बंदरोहा के जंगलों में छिपा दिया गया था।
लोकेशन शेयर… और शुरू हो गया मौत का खेल
जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर राजा पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि मृतक राजेन्द्र पटेल और मुख्य आरोपी आनंद पटेल के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी। आरोप है कि आनंद पटेल ने अपने साथियों को राजेन्द्र पटेल की हर गतिविधि पर नजर रखने की जिम्मेदारी दे रखी थी।
घटना वाले दिन राजा पटेल ने मोबाइल के जरिए मृतक की सटीक लोकेशन और पहचान मुख्य आरोपी तक पहुंचाई। पुलिस के अनुसार, यही सूचना हत्या की पूरी साजिश को अंजाम तक पहुंचाने का आधार बनी।
दो हाईवा पहले से थे तैयार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि साजिश के तहत दो हाईवा अलग-अलग लेन में पहले से खड़े किए गए थे। योजना यह थी कि मृतक जिस दिशा में दिखाई दे, उसी दिशा वाला हाईवा उसे टक्कर मार देगा, ताकि पूरी घटना सड़क दुर्घटना जैसी लगे और किसी को हत्या का शक न हो।
योजना के मुताबिक, मौके पर हाईवा से टक्कर मारी गई, जिसमें राजेन्द्र पटेल की मौके पर मौत हो गई, जबकि अन्य लोग भी उसकी चपेट में आ गए।
रातभर जंगलों में चला पुलिस का ऑपरेशन
घटना का खुलासा होते ही पुलिस ने लगातार दबिश शुरू की। पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि अन्य आरोपी जंगलों में भाग गए। पूरी रात चले सर्च ऑपरेशन, मुखबिर सूचना और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी आनंद पटेल सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
क्या-क्या हुआ जब्त?
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने…
हत्या में प्रयुक्त हाईवा डंपर,
महिंद्रा थार,
टोयोटा फॉर्च्यूनर,
वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पुलिस की सतर्कता से खुली साजिश
यदि घटनास्थल पर मिले एक छोटे से टूटे हुए मोनोग्राम को पुलिस नजरअंदाज कर देती, तो यह मामला संभवतः एक साधारण सड़क दुर्घटना मानकर बंद हो सकता था। लेकिन तकनीकी जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और लगातार की गई विवेचना ने एक ऐसे षड्यंत्र का पर्दाफाश किया, जिसमें हत्या को सड़क हादसे का रूप देकर कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की गई थी।
फिलहाल सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त में हैं और मामले की विवेचना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत जारी है।








