नरसिंहपुर। 23 जुलाई 2026 जिले के खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से किसान संगठनों के नाम पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
साथ ही सोशल मीडिया पर बिना जांच के आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि जिले में लगभग एक हजार से अधिक लोग खाद, बीज और कीटनाशक के व्यापार से जुड़े हैं। उनका आरोप है कि किसी भी शिकायत की सत्यता सामने आने से पहले ही सोशल मीडिया पर उन्हें दोषी ठहराया जाता है, जिससे व्यापारियों की प्रतिष्ठा और व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
व्यापारियों ने हाल ही में चर्चा में रहे 9126 मक्का बीज के मामले का भी उल्लेख किया। उनका दावा है कि संबंधित बीज अधिकृत कंपनी के माध्यम से खरीदा और बेचा गया है तथा उसके बिल और अंकुरण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध हैं। व्यापारियों के अनुसार किसी भी बीज का अंकुरण केवल बीज की गुणवत्ता पर ही निर्भर नहीं करता, बल्कि मौसम, तापमान, वर्षा और खेत की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए बिना जांच किसी बीज को “नकली” बताना उचित नहीं है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बीज, खाद और कीटनाशक का पूरा व्यापार लाइसेंस एवं निर्धारित नियमों के तहत होता है तथा उत्पाद अधिकृत कंपनियों से प्राप्त किए जाते हैं। यदि कोई उत्पाद अमानक पाया जाता है तो उसे सीधे “नकली” बताकर प्रचारित करना गलत है।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सोशल मीडिया पर बिना प्रमाण गलत प्रचार करने वालों पर कार्रवाई की जाए तथा किसानों और व्यापारियों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कई शिकायतें पुराने लेन-देन या उधारी के विवादों के कारण भी प्रायोजित रूप से की जाती हैं।
ज्ञापन में खाद की कमी, टोकन व्यवस्था तथा प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पन्न परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए व्यापारियों ने कहा कि इन सभी समस्याओं का दोष केवल व्यापारियों पर नहीं मढ़ा जाना चाहिए।
अंत में व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा ठोस और निष्पक्ष कदम नहीं उठाए गए, तो जिले के खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारी सामूहिक रूप से अपना व्यापार बंद करने पर विचार करने के लिए बाध्य होंगे।








