नरसिंहपुर। 6 जून 2026 जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक युवा किसान की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मृतक की पहचान अखिलेश पटेल के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का मुख्य सहारा बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिजली लाइन के मेंटेनेंस कार्य के दौरान अखिलेश पटेल को ट्रांसफार्मर (डीपी) पर चढ़कर सुधार कार्य करने के लिए कहा गया। बताया जा रहा है कि उस समय बिजली आपूर्ति बंद थी, लेकिन कार्य के दौरान अचानक लाइन में करंट प्रवाहित हो गया, जिससे अखिलेश गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब सुधार कार्य कराया जा रहा था, तब आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया? स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के समय मौजूद कुछ लाइनमैन मौके से चले गए। यदि घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद उसकी जान बचाने की संभावना बन सकती थी।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली से जुड़े कार्यों में सुरक्षा को लेकर अक्सर लापरवाही बरती जाती है। कई बार बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरणों के लोगों से जोखिमपूर्ण कार्य करा लिए जाते हैं। ऐसे मामलों में हादसा होने पर जिम्मेदारी तय करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की जाती है।
मृतक अखिलेश पटेल अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य बताए जा रहे हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों और ग्रामीणों ने घटना की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई तथा मृतक परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
हालांकि, घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट निष्कर्ष सामने आएंगे। फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।








