- पोलखोल विशेष रिपोर्ट! नरसिंहपुर! 4 जून 2026
ग्राम करोंदा, ग्राम पंचायत खिरिया में कोटवार नियुक्ति को लेकर वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में है। ग्रामीण लालजी जाटव एवं उनके पुत्र राहुल जाटव, जो ग्राम पंचायत के निर्वाचित पंच सदस्य भी हैं, ने कोटवार पद पर हुई नियुक्तियों को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 1990 में तत्कालीन ग्राम कोटवार कोमल सिंह को पद से हटाए जाने के बाद उनके परिवार के पात्र सदस्य को नियुक्त किए जाने के बजाय रामभरोसे को कोटवार बनाया गया था। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उस समय नियमों के अनुसार कोमल सिंह के पुत्र को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी।
अब रामभरोसे के सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पुत्र राकेश मेहरा की नियुक्ति को लेकर भी ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सार्वजनिक सूचना, मुनादी, आवेदन आमंत्रण और अन्य प्रक्रियाओं का समुचित पालन नहीं किया गया।
राहुल जाटव और लालजी जाटव का यह भी कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव में दर्ज कुछ हस्ताक्षरों की सत्यता की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र देकर मामले की जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वर्ष 1990 में हटाए गए कोमल सिंह के पुत्र रूप राम मेहरा इस पद के वास्तविक दावेदार थे और उनके अधिकारों की अनदेखी की गई। वहीं नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें सौंपी हैं, लेकिन अब तक उन्हें जांच के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।
क्या वर्ष 1990 से शुरू हुआ यह विवाद वास्तव में नियमों के पालन से जुड़ा मामला है, या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है?
इन सभी सवालों, दस्तावेजों और पक्षों को लेकर पोलखोल प्रस्तुत करेगा इस पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल।
महत्वपूर्ण सूचना : इस समाचार में उल्लेखित सभी आरोप ग्राम करोंदा निवासी लालजी जाटव, राहुल जाटव एवं अन्य शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं। प्रस्तुत जानकारी शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों, बयानों एवं शिकायत पत्रों पर आधारित है। पोलखोल न्यूज़ इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।
मामले से संबंधित सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। यदि संबंधित विभाग, अधिकारी अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति अपना पक्ष प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो पोलखोल न्यूज़ उसका भी प्रमुखता से प्रकाशन एवं प्रसारण करेगा।
मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय जांच एवं सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।








