📍 नरसिंहपुर | 12 मई 2026
पोलखोल न्यूज़
जहाँ एक ओर नरसिंहपुर पुलिस द्वारा जारी प्रेसविज्ञप्ति में थाना सांईखेड़ा पुलिस की मानवता और संवेदनशीलता की तस्वीर सामने आई, वहीं दूसरी ओर उसी थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रेसविज्ञप्ति के अनुसार ग्राम तूमड़ा निवासी दृष्टिहीन एवं असहाय वृद्ध महिला सब्बो बाई पटैल को सांईखेड़ा पुलिस ने मदद पहुँचाकर सुरक्षित आश्रय दिलाया। महिला उप निरीक्षक वर्षा धाकड़, आरक्षक दिनेश पटैल एवं निर्भया मोबाइल स्टाफ द्वारा वृद्ध महिला को गोद में उठाकर वाहन तक पहुँचाया गया, भोजन एवं नए वस्त्र उपलब्ध कराए गए तथा रायसेन जिले के “टीम पहल सेवा आश्रम” में भर्ती कराया गया। इस मानवीय कार्य की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है।
लेकिन इसी बीच थाना सांईखेड़ा का एक और मामला चर्चा में आ गया है।
📌 ग्राम सोकलपुर निवासी 70 वर्षीय कला बाई केवट ने आरोप लगाया है कि उसकी सवा एकड़ कृषि भूमि पर उसके ही कुटुंब के मनीराम केवट द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार 8 मई को उसके साथ मारपीट एवं अभद्रता की घटना हुई थी, जिसकी शिकायत लेकर वह 9 मई को थाना सांईखेड़ा पहुँचीं, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल एनसीआर का पर्चा थमा दिया।
पीड़िता का आरोप है कि पूर्व में भी वह गाली-गलौज, अभद्रता और जमीन कब्जे की शिकायत दे चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
मंगलवार 12 मई को बुजुर्ग महिला न्याय की उम्मीद लेकर नरसिंहपुर जनसुनवाई पहुँचीं, लेकिन पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्पष्ट पता न होने के कारण भटकती रहीं। बाद में उन्होंने पत्रकारों के सामने अपनी व्यथा सुनाई।
इस संबंध में थाना प्रभारी संधीर चौधरी ने मामले को पारिवारिक जमीन विवाद बताते हुए कहा कि महिला स्वयं गिर गई थीं, उनके साथ कोई मारपीट नहीं हुई।
वहीं कला बाई का कहना है कि वह अशिक्षित हैं और पुलिस उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं सुन रही।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या पुलिस की संवेदनशीलता सिर्फ कैमरों और वायरल वीडियो तक सीमित है, या फिर हर पीड़ित को समान न्याय मिलेगा?
🎥 देखिये बुजुर्ग महिला की पूरी आप बीती सिर्फ पोलखोल पर।









