नरसिंहपुर। 8 अक्टूबर 2026 शहर के विपतपुरा मार्ग स्थित खुली जेल गेट के सामने लगाए गए यातायात चेकिंग प्वाइंट को लेकर एक वाहन चालक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वाहन चालक मोहम्मद आसिफ के अनुसार, वे अपनी मारुति वैगनआर कार से गुजर रहे थे, तभी वहां मौजूद यातायात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका।
आकिल का आरोप है कि उनकी गाड़ी में सामान्य नंबर प्लेट लगी हुई थी और HSRP नंबर प्लेट नहीं होने की बात कहते हुए कार्रवाई की गई।
उनका कहना है कि मौके पर मौजूद एक आरक्षक ने उनसे कथित तौर पर नगद राशि देने की बात कही। जब उन्होंने इसका विरोध करते हुए सवाल किया कि अन्य वाहन चालक, जिनमें बिना हेलमेट चलने वाले लोग भी शामिल हैं, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही, तो उनका ई-चालान कर दिया गया।
आकिल ने बताया कि उनके वाहन का PUC, बीमा सहित आवश्यक दस्तावेज पूर्ण हैं और इसके बावजूद उनका चालान किया गया। मामले की जानकारी मिलने पर मीडिया मौके पर पहुंचा और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से कार्रवाई का आधार जानने का प्रयास किया।
जब कैमरे पर आरक्षक से पूछा गया कि आखिर किस नियम और प्रावधान के तहत ई-चालान किया गया है, तो उन्होंने मामले में वरिष्ठ अधिकारी से बात करने की बात कही। इसके बाद मीडिया ने मौके पर मौजूद अधिकारी से भी सवाल किया कि चालान किस नियम के तहत काटा गया है। सवाल किए जाने पर अधिकारी का रवैया कुछ समय के लिए तीखा नजर आया और उन्होंने मीडिया से कैमरा अलग करने को कहा।
मीडिया द्वारा पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद अधिकारी का रुख कुछ नरम हुआ।
हालांकि, मौके पर हुई कार्रवाई और ई-चालान के आधार को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वाहन चालक के खिलाफ नियम के उल्लंघन को लेकर चालान किया गया था, तो मौके पर संबंधित नियम और प्रावधान स्पष्ट रूप से क्यों नहीं बताया गया? वहीं, वाहन चालक द्वारा लगाए गए नगद राशि मांगने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
चेकिंग प्वाइंट किसके निर्देश पर लगाया गया था, वहां किन नियमों के तहत वाहनों की जांच की जा रही थी और अन्य वाहन चालकों पर किस आधार पर कार्रवाई की गई- इन तमाम सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं।
पोलखोल की पड़ताल जारी है। अब देखना होगा कि यातायात पुलिस इस पूरे मामले पर क्या स्पष्टीकरण देती है।








