नरसिंहपुर:! 30 जून 2026 जिले की ग्राम पंचायत निमावर में संचालित गौशाला को लेकर वित्तीय अनियमितताओं और अभिलेखों में कथित गड़बड़ियों की शिकायत सामने आई है। गांव के निवासी देवी सिंह पटेल ने जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और विशेष ऑडिट कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 2024 से वर्तमान तक गौशाला संचालन के लिए विभिन्न योजनाओं और पंचायत निधियों से लाखों रुपये प्राप्त हुए, लेकिन उपलब्ध अभिलेखों और पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज भुगतान विवरणों में अंतर दिखाई देता है। आवेदन में दावा किया गया है कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी भी पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई।
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आवेदन में मूल बिल, वाउचर, स्टॉक रजिस्टर, मृत्यु रजिस्टर, भुगतान आदेश और अन्य अभिलेखों की जांच की मांग की गई है। साथ ही गौशाला में दर्ज पशुओं की संख्या और वास्तविक संख्या का भौतिक सत्यापन कराने की भी मांग की गई है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय ग्रामीणों और पंचों ने पशुओं के चारे, पानी, उपचार और रखरखाव को लेकर भी शिकायतें की हैं। कुछ अवसरों पर पशुओं की मृत्यु होने की बात भी आवेदन में कही गई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जिला स्तरीय समिति गठित करने, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा पशुपालन विभाग के अधिकारियों का संयुक्त जांच दल बनाने और वर्ष 2024 से अब तक प्राप्त एवं व्यय की गई राशि का विशेष ऑडिट कराने की मांग की है।
फिलहाल मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन शिकायत को किस गंभीरता से लेता है और जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं। उल्लेखनीय है कि इस समाचार में उल्लिखित आरोप शिकायतकर्ता के आवेदन पर आधारित हैं और इनकी पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही हो सकेगी।








