28वें सप्ताह में जन्मी नन्ही परी ने मौत को दी मात, 55 दिन की जंग के बाद स्वस्थ!”

नरसिंहपुर! करेली – 13 जनवरी 2026
महादेव वार्ड करेली निवासी लक्ष्मीकौरव (डिलीवरी केस) की पुत्री ने जीवन की कठिन परीक्षा को सफलतापूर्वक पार कर एक नई उम्मीद जगाई है। पिता नीरज कौरव की यह बच्ची 15 नवंबर 2025 को सामान्य प्रसव के दौरान समय से पहले 28वें सप्ताह में जन्मी थी। जन्म के समय बच्ची का वजन मात्र 1.0 किलोग्राम था, जिससे उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई थी।

जन्म के तुरंत बाद बच्ची को विशेष उपचार हेतु एसएनसीयू (SNCU) जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहाँ लगातार दो माह तक विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग आफिसर की कड़ी निगरानी में उसका इलाज चला। अथक प्रयासों और बेहतर चिकित्सा देखरेख के चलते बच्ची की स्वास्थ्य स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ।

लगभग 55 दिनों के उपचार के बाद बच्ची का वजन बढ़कर 1.560 किलोग्राम हो गया, जिसके पश्चात उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। 12 जनवरी 2026 को बच्ची को उसके माता-पिता को सुरक्षित रूप से सौंपा गया।

इस पूरे उपचार काल में

डॉक्टर मंजू सिसोदिया

➡️डॉ संदीप पटैल,
➡️डॉ. राजीव राठौरिया,
➡️डॉ. विजयंत जैन,
➡️डॉ. लिली मिस्त्री,
➡️नर्सिंग ऑफिसर (इंचार्ज) वर्षा ठाकुर,
➡️निकिता राजन,
➡️दीपमाला सरकार,
➡️नाजनीन वानो,
➡️वंदना देशमुख,
➡️अनुश्री डेहरिया,
➡️उष्मा वाडिवा,
➡️मधु,
➡️मंजू विलियम,
➡️निशा चौहान,
➡️वर्षा चौरिया,
➡️ज्योति मेहरा,
➡️भारती नागेश,
➡️मधु साहू,
➡️राधिका धुर्वे,
➡️शर्मिला,
➡️शहनाज।

डॉक्टर्स एवं नर्सिंग आफिसर स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा ।.

चिकित्सकीय टीम की सतत निगरानी, समर्पण और संवेदनशील देखभाल के कारण यह संभव हो सका कि समय से पहले जन्मी यह नन्ही बच्ची जीवन की जंग जीत सकी।

परिजनों ने  डॉक्टरों एवं अस्पताल स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और मेहनत से ही आज उनकी बच्ची सुरक्षित और स्वस्थ है। यह घटना चिकित्सा सेवा की सफलता और मानवीय प्रयासों की एक प्रेरणादायक मिसाल है।

संवाददाता – सौरभ प्रताप सिंह राठौड़

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Author: polkholnewz

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