नरसिंहपुर/ 8 सितंबर 2026 समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन के 45 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं होने से चिचली क्षेत्र के किसानों का आक्रोश मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में देखने को मिला। बड़ी संख्या में किसानों ने लंबित भुगतान को लेकर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की।
किसानों का कहना है कि ग्राम चिचली क्षेत्र की मूंग की फसल का उपार्जन बड़कुर वेयरहाउस, उपार्जन केंद्र क्रमांक 58434115, के माध्यम से चैनाकछार समिति द्वारा किया गया था। किसानों के अनुसार फसल दिए 45 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक उपार्जन की राशि उनके खातों में नहीं पहुंची है।
किसानों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेने पर उन्हें वेयरहाउस का WRDA पंजीयन उपलब्ध नहीं होने की बात बताई जा रही है और भुगतान में 70 से 90 दिन तक लगने की जानकारी दी जा रही है। किसानों ने सवाल उठाया कि फसल बेचने के बाद भुगतान के लिए इतनी लंबी प्रतीक्षा आखिर क्यों करनी पड़ रही है।
अपर कलेक्टर अरविंद सिंह के लौटने से नाराज हुए किसान
कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार पर किसान नेता प्रतीक शर्मा सहित अन्य किसान नारेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान अपर कलेक्टर अरविंद सिंह मुख्य द्वार पर पहुंचे। किसानों के मुताबिक, किसानों की बात सुनने के बजाय वे वापस कार्यालय के अंदर चले गए। इस घटनाक्रम से किसान और अधिक नाराज हो गए और उन्होंने विरोध तेज कर दिया।
इसी दौरान कार्यालय की सुरक्षा में तैनात नगर सैनिक दिनेश राजपूत ने किसानों को परिसर के अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया। इसे लेकर मौके पर मौजूद थाना कोतवाली पुलिस स्टाफ और कलेक्टर कार्यालय के सुरक्षाकर्मियों के बीच भी तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई।
मामला बढ़ता देख अपर कलेक्टर अरविंद सिंह दोबारा मुख्य गेट पर पहुंचे और किसानों से शांतिपूर्वक ज्ञापन देने तथा बातचीत के माध्यम से समस्या रखने की अपील की।
किसान नेता बोले—बार-बार ज्ञापन देना पड़ रहा
किसान नेता प्रतीक शर्मा ने पोलखोल न्यूज़ से बातचीत में कहा कि किसानों को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार ज्ञापन और आवेदन देना पड़ रहा है। उनका कहना है कि किसान अपनी उपज बेच चुका है, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं वरिष्ठ नेता धनीराम पटेल ने भी पोलखोल न्यूज़ से बातचीत में सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए किसानों की समस्या का तत्काल निराकरण किए जाने की मांग की।
किसानों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए लंबित मूंग उपार्जन राशि का भुगतान यथाशीघ्र कराने और भुगतान में देरी के कारणों की जांच कर किसानों को राहत देने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि किसानों के इस विरोध के बाद प्रशासन भुगतान को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है और किसानों को उनकी उपज की राशि आखिर कब तक मिल पाती है।








