1️⃣ बेटी ने दी मां को मुखाग्नि, कामरेड ज्योति पटेल का संघर्षमय जीवन पंचतत्व में विलीन!”

नरसिंहपुर! सालीचौका। 5 फरवरी 2026
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की वरिष्ठ सदस्य, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति नरसिंहपुर की पूर्व जिला महासचिव एवं पचामा ग्राम पंचायत की पूर्व सरपंच कामरेड ज्योति पटेल का लंबी बीमारी के बाद 3 फरवरी को जबलपुर स्थित विराट अस्पताल में निधन हो गया। वे कैंसर से पीड़ित थीं।

4 फरवरी को उनका पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम पचामा लाया गया, जहां पूरे सम्मान और पार्टी परंपरा के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुक्तिधाम में उनकी पुत्री जागृति पटेल ने मां को मुखाग्नि दी। यह दृश्य उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर गया।

अंतिम यात्रा से पूर्व उनके निवास पर माकपा एवं जनवादी महिला समिति (जमस) का झंडा उनके पार्थिव शरीर पर ओढ़ाया गया। अंतिम यात्रा में माकपा कार्यकर्ताओं ने झुके हुए झंडे के साथ चलते हुए “ज्योति पटेल अमर रहें”, “ज्योति पटेल के संघर्ष को लाल सलाम” जैसे नारे लगाए।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए माकपा सचिव मंडल सदस्य रामनारायण कुररिया ने कहा कि कामरेड ज्योति पटेल पार्टी की विचारधारा के प्रति आजीवन समर्पित रहीं। महिलाओं को संगठित करने और जनआंदोलनों को मजबूती देने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कामरेड ज्योति पटेल की अंतिम इच्छा के अनुरूप उन्हें पार्टी और महिला समिति के झंडों के साथ विदाई दी गई। उन्होंने तेरहवीं एवं मृत्युभोज न करने तथा केवल श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसे परिवार एवं पार्टी साथियों ने स्वीकार किया।

इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता, परिजन, रिश्तेदार एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने नम आंखों से संघर्षशील जननेता को अंतिम विदाई दी।

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Author: polkholnewz

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