नरसिंहपुर। 31 दिसंबर 2025 जिला मुख्यालय पर नगर पालिका की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति पर एक रसूखदार ठेकेदार द्वारा वर्षों से अवैध कब्जा किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर को शिकायती आवेदन सौंपते हुए आरोप लगाया है कि नगर पालिका द्वारा आम जनता और यात्रियों की सुविधा के लिए निर्मित सार्वजनिक भवन को ठेकेदार संतोष लूनावत ने निजी गोदाम में तब्दील कर रखा है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार यह भवन मूल रूप से रात्रि विश्राम गृह के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन निर्माण पूर्ण होने के बाद से ही ठेकेदार ने इसे नगर पालिका को हैंडओवर नहीं किया और पिछले करीब 10 वर्षों से अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए है। भारी सामग्री के भंडारण से भवन को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति क्षतिग्रस्त हो रही है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि उक्त भवन का उपयोग बाजार दर पर किराये के रूप में किया जाता, तो नगर पालिका को लगभग 2 लाख रुपये प्रति माह का राजस्व प्राप्त हो सकता था। इस प्रकार पिछले एक दशक में नगर पालिका को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कब्जा तत्काल हटवाया जाए, बीते वर्षों का उचित किराया वसूला जाए और भवन को उसके मूल उद्देश्य, जनता व यात्रियों के रात्रि विश्राम, के लिए पुनः समर्पित किया जाए। नागरिकों का कहना है कि शहर के मध्य स्थित सरकारी संपत्ति का निजी लाभ के लिए उपयोग प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है, जिस पर त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।









