नरसिंहपुर / 16 नवम्बर 2025
करेली नगरपालिका के महादेव वार्ड में तैयार हुई करीब 120 फीट चौड़ी सड़क अब बड़े विवाद में बदल गई है। सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद ही एक व्यक्ति ने दावा किया कि सड़क का एक हिस्सा उसके निजी प्लॉट पर बनाया गया है।
शिकायत मिलते ही नगरपालिका ने जांच कराई और विवादित हिस्से को तोड़ने का निर्णय लिया। लेकिन जैसे ही तोड़फोड़ शुरू हुई, सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना होने लगी। बढ़ते विरोध को देखते हुए नगरपालिका ने फेसबुक पर सफाई दी कि कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जा रही है।
इधर, तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नगरपालिका पहुँच गए और विरोध जताया। हालात बिगड़ते देख अब नगरपालिका तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकने की तैयारी में है।
🗣️ नगरपालिका का पक्ष
सीएमओ करेली श्रीकांत पाटर ने बताया–
> “हमने रहवासियों के जमीनी कागजात चेक किए तो सड़क 120 फीट ही दर्ज थी। निर्माण शुरू होने से लेकर पूरा होने तक किसी ने कोई आपत्ति नहीं दी। लेकिन जब गली पूरी बन गई, तब प्लॉट मालिक ने आपत्ति दर्ज कराई कि सड़क का एक हिस्सा उनके प्लॉट पर आ रहा है।
हमने उनसे पूछा कि निर्माण के दौरान इस बात की जानकारी क्यों नहीं दी?”
🗣️ प्लॉट मालिक का पक्ष
वहीं प्लॉट मालिक का कहना है..
> “हम निर्माण कार्य के दौरान ही नगर पालिका करेली गए थे, पर किसी ने हमारा लिखित आवेदन नहीं लिया। हमसे कहा गया कि वार्ड पार्षद से संपर्क करें। इसलिए हमारी आपत्ति समय रहते दर्ज ही नहीं की गई।”
स्थानीय लोगों के सवाल
लगातार बदलते फैसलों ने जनता को उलझन में डाल दिया है। लोग पूछ रहे हैं..
सिस्टम आखिर चाहता क्या है?
जांच रिपोर्ट के बाद भी फैसले क्यों बदल रहे हैं?
और जनता को बार-बार परेशानी क्यों झेलनी पड़ रही है?








