“वायरल टाइगर अटैक वीडियो की सच्चाई आई सामने: चंद्रपुर का नहीं, एआई से निर्मित होने की आशंका; वन विभाग ने किया चेतावनी जारी”

महाराष्ट्र / 8 नवंबर 2025
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा एक चौंकाने वाला वीडियो, जिसमें एक वयस्क बाघ घर के बाहर बैठे व्यक्ति को उठाकर घसीटता हुआ दिखाई दे रहा है, अब जांच के दायरे में है। वीडियो को महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के ब्रह्मपुरी क्षेत्र का बताया जा रहा था और नरसिंहपुर जिले के विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इसे तेजी से साझा किया जा रहा है।

वायरल सीसीटीवी फुटेज पर 31 अक्टूबर की तारीख और सुबह 6:42 बजे का समय दर्ज है, जिससे कई लोग इसे हाल की घटना मानकर भ्रमित हो गए। चंद्रपुर का नाम सामने आने से ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के निकटवर्ती क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया।

स्थानीय अधिकारियों ने दावा किया खारिज
वायरल होते ही ब्रह्मपुरी के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) सचिन नारद ने स्पष्ट कर दिया कि यह वीडियो ब्रह्मपुरी या चंद्रपुर का नहीं है। उन्होंने बताया कि फुटेज कहां का है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन इसे चंद्रपुर से जोड़ना पूरी तरह गलत है।

एआई से निर्मित होने की आशंका मजबूत
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने भी इस वीडियो की वास्तविकता पर सवाल उठाए हैं। कुछ ने इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया बताया, जबकि अन्य ने ग्राफिक्स और हरकतों में खामियां होने का दावा किया है। यहां तक कि ग्रोक जैसे एआई चैटबॉट ने भी इसे असली घटना नहीं माना।

RFO सचिन नारद ने भी वीडियो के एआई जनरेटेड होने की संभावना व्यक्त की और कहा कि बिना प्रमाण के ऐसे क्लिप साझा करना गलत है।

वन विभाग ने दी चेतावनी
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी भ्रामक सामग्री प्रसारित न करें, जिससे बाघ-प्रवण इलाकों में अनावश्यक भय और तनाव पैदा हो। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि गलत सूचना फैलाना दंडनीय है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

👉 नरसिंहपुर में भी वीडियो तेजी से वायरल
नरसिंहपुर जिले के सोशल मीडिया समूहों में यह वीडियो व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा है, जिसके चलते वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

निष्कर्ष
वायरल वीडियो की विश्वसनीयता संदिग्ध है। प्रारंभिक जांच के अनुसार यह न तो चंद्रपुर का है और न ही इसकी प्रामाणिकता सिद्ध हो सकी है। एआई से बनाए गए वीडियो की संभावना अधिक बताई जा रही है। वन विभाग ने आम जनता को अफवाहों से बचने और जिम्मेदारी से सोशल मीडिया उपयोग करने की सलाह दी है।

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Author: polkholnewz

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