नरसिंहपुर। 1 जनवरी 2026
सीईओ जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह नागेश ने बुधवार को ग्राम पंचायत करेली कला एवं गांगई में नर्मदा पथ के प्रस्तावित मार्ग का स्थल भ्रमण किया। उनके साथ परियोजना अधिकारी विपिन लाड, जिला प्रबंधक आजीविका मिशन मीना परते, जनपद सीईओ हरीश, सहायक यंत्री एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे। भ्रमण के दौरान नर्मदा नदी के समानांतर वैकल्पिक मार्ग विकसित करने तथा परिक्रमावासियों की सुविधा को लेकर चर्चा की गई।
परियोजना अधिकारी विपिन लाड ने बताया कि जिले में नर्मदा नदी के उत्तर तट पर 20 पंचायतों के 31 ग्राम और दक्षिण तट पर 42 पंचायतों के 61 ग्राम आते हैं। उत्तर तट की लंबाई 73 किमी और दक्षिण तट 137 किमी है। नर्मदा पथ समृद्धि परियोजना के तहत नदी के पुनर्जीवन और सदानीरा बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों तटों को हरित करने की योजना है। इसके अंतर्गत नदी घाट से दो किलोमीटर के दायरे में शासकीय भूमि चिन्हित कर पौधरोपण किया जाएगा, जिसमें अर्जुन, बांस सहित वानिकी व उद्यानिकी पौधे शामिल होंगे।
योजना के अनुसार संबंधित पटवारियों को 15 जनवरी तक शासकीय भूमि की पैमाइश करने और पंचायतों को 15 फरवरी 2026 तक भूमि सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। पौधे वन विभाग, जनसहभागिता, सांसद-विधायक निधि एवं सीएसआर मद से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही मनरेगा की “एक बगिया मां के नाम” योजना के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में भी पौधरोपण होगा।
हालांकि, इतने महत्वपूर्ण अभियान और जनहित की बातों के बीच एक दृश्य चर्चा का विषय बन गया, भ्रमण के दौरान सीईओ बिना हेलमेट के नजर आए। सड़क सुरक्षा को लेकर आमजन को लगातार संदेश देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों का स्वयं नियमों का पालन न करना, सवाल खड़े करता है। विकास योजनाओं के साथ-साथ यदि अधिकारी उदाहरण प्रस्तुत करें, तो संदेश और भी प्रभावी हो सकता है।








