नरसिंहपुर / 16 अक्टूबर 2025
मुक्तानंद संस्कृत पाठशाला के जीर्णोद्धार हेतु राशि स्वीकृत
*मंत्री उदय प्रताप सिंह द्वारा 25 लाख की राशि स्वीकृत*
नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले की सबसे प्राचीन संस्कृत पाठशाला श्री मुक्तानंद संस्कृत पाठशाला के भवन के जीर्णोद्धार हेतु जिले के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने व्यक्तिगत रूचि लेते हुए 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर एक अनुकरणीय पहल की है। पाठशाला ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष सुमित झिरा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि सन 1941 में स्थापित यह पाठशाला गुरुकुल पद्धति पर आधारित है तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करती है। जिले में यह एकमात्र ऐसी संस्था है जो कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को संस्कृत, वेद, धर्मशास्त्र सहित आधुनिक विषयों की शिक्षा उपलब्ध कराती है। यह पाठशाला न केवल शैक्षणिक दृष्टि से अपितु धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। यहां पर ब्रम्हलीन जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज सहित वर्तमान जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी महाराज जैसे महान संतों ने अध्ययन किया है। समिति अध्यक्ष सुमित झिरा ने आगे बताया कि वर्ष 2025 में अतिवृष्टि के कारण 84 वर्ष पूर्व निर्मित पाठशाला भवन जर्जर हो चुका था और गिरने की कगार पर था, जिससे अध्ययन और आवास में अनेक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही थीं। जब यह स्थिति मंत्री श्री सिंह के संज्ञान में आई, तो उन्होंने त्वरित निर्णय लेते हुए भवन के जीर्णोद्धार हेतु 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी। श्री मुक्तानंद पाठशाला परिवार ने मंत्री उदय प्रताप सिंह के इस सहयोग के लिए हृदय से आभार एवं साधुवाद व्यक्त किया है तथा आशा जताई है कि भविष्य में भी इसी प्रकार का सहयोग प्राप्त होता रहेगा। इस योगदान से न केवल पाठशाला के पुनर्निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा, बल्कि संस्कृत व सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार को भी नई ऊर्जा मिलेगी। यह निर्णय जिले के उन विद्यार्थियों के लिए एक वरदान सिद्ध होगा जो संस्कृत के माध्यम से अपना भविष्य संवारना चाहते हैं।







