नरसिंहपुर। 16 मार्च 2026 जिले में लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय शातिर ठग को नरसिंहपुर पुलिस ने गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी फर्जी बैंक और फाइनेंस कंपनियों के नाम से पोस्टर लगाकर लोगों को झांसे में लेकर उनसे विभिन्न शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठता था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी ओंकार प्रसाद चौधरी निवासी नरसिंहपुर ने 2 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे लोन दिलाने के नाम पर करीब 93 हजार 900 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।
जांच में सामने आया कि रेलवे स्टेशन परिसर में आरबीएल फाइनेंस बैंक के नाम से लगाए गए पोस्टर देखकर प्रार्थी ने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था।
इसके बाद आरोपी ने खुद को बैंक मैनेजर बताकर आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेज मंगवाए और फिर बीमा, डीडी, जीएसटी, खाता परिवर्तन और लोन फीस जैसे अलग-अलग बहानों से पैसे मांगने लगा।
प्रार्थी से कुल 93,900 रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से ठगने के बाद आरोपी ने और पैसे की मांग की। जब प्रार्थी ने मना किया तो उसे भोपाल बुलाया गया, लेकिन वहां भी आरोपी उससे मिलने नहीं पहुंचा।
पुलिस की तकनीकी जांच में पता चला कि ठगी करने वाला व्यक्ति देवकीनंदन कपूर उर्फ देव निवासी जैन नगर कराला, थाना बेगमपुर, जिला रोहिणी नई दिल्ली है। पुलिस टीम ने दिल्ली पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया!
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दिल्ली में कॉल सेंटर चलाकर लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी करता था और देश के विभिन्न राज्यों में रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर फर्जी बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के पोस्टर लगवाता था। ठगी की रकम वह अपने खातों में न लेकर अन्य लोगों के खातों में मंगवाता था। पुलिस ने ऐसे 10 बैंक खातों को चिन्हित कर जप्त किया है, जबकी अन्य पांच बैंक खातों की भी जांच जारी है!
मामले में पुलिस ने जिला मुख्यालय से एक महिला को भी गिरफ्तार किया है, जिसके नाम पर 5 खातों में आरोपी के द्वारा खाता किराए पर लेकर फ्रॉड किया गया!
आरोपी से 10 चेकबुक, 10 पासबुक, 7 एटीएम कार्ड और 2 आधार कार्ड सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है। मामले में धारा 318 (4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को प्रोफेशनल क्रिकेट खिलाड़ी भी बताता था और दिल्ली में बच्चों को क्रिकेट कोचिंग देने का दावा करता था।







